Saturday , August 8 2026

‘वर्क फ्रॉम होम’ खत्म, अब ऑफिस के लिए मची लूट! इन 4 शहरों में किराया सुन उड़ जाएंगे होश

कोरोना के बाद की शांति अब खत्म हो चुकी है। ऑफिसों में रौनक लौट आई है और इसी के साथ शुरू हो गई है एक नई मारामारी- एक अच्छे ऑफिस स्पेस की तलाश। हालत यह है कि भारत के बड़े शहरों में कंपनियों को बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही है,और इसी मौके का फायदा उठाकर प्रॉपर्टी के मालिक किराए में मनमानी बढ़ोतरी कर रहे हैं।एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025की दूसरी तिमाही में देश में ऑफिस स्पेस की मांग अपने ऑल-टाइम हाई पर है। डिमांड ज़्यादा और सप्लाई कम होने के कारण दिल्ली,मुंबई,गुरुग्राम और बेंगलुरु जैसे शहरों में ऑफिस का किराया आसमान छू रहा है।दिल्ली-गुरुग्राम: देश की राजधानी में किराया बना रॉकेटदेश की राजधानी दिल्ली और उसके बगल में चमचमाते गुरुग्राम का हाल सबसे बेहाल है।दिल्लीके कनॉट प्लेस और बाराखंबा रोड जैसे पॉश इलाकों में पिछले एक साल में ऑफिस का किराया16%तक बढ़ गया है,जो पिछले5सालों में सबसे तेज बढ़ोतरी है।गुरुग्रामके साइबर सिटी औरNH-48के आसपास के इलाकों में भी किराया16%तक चढ़ चुका है। शानदार मेट्रो कनेक्टिविटी और बड़ी-बड़ी कंपनियों के हब होने के कारण यहां एक खाली डेस्क मिलना भी मुश्किल हो गया है।मुंबई: सपनों के शहर में जगह का सपना हुआ महंगामुंबई में ऑफिस स्पेस का किराया सालाना11%की रफ्तार से बढ़ा है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC)और नरीमन पॉइंट जैसी जगहों पर तो बड़ी-बड़ी कंपनियां मुंहमांगा किराया देने को तैयार हैं। यहां नए ऑफिस प्रोजेक्ट्स कम बन रहे हैं और बड़ी कंपनियां लंबी अवधि के लिए जगह लॉक कर रही हैं,जिससे छोटे कारोबारियों के लिए जगह ढूंढना मुश्किल हो गया है।बेंगलुरु:ITहब में लगी है किराए की आगसबसे ज़्यादा आग तो भारत की सिलिकॉन वैली यानी बेंगलुरु में लगी है। यहां के व्हाइटफील्ड जैसेITहब वाले इलाके में ऑफिस किराए में सालाना20%की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आईटी कंपनियों के कर्मचारियों के ऑफिस लौटने और हाइब्रिड वर्क कल्चर के लिए खास तरह के ऑफिस स्पेस की मांग ने यहां किराए को आसमान पर पहुंचा दिया है।आखिर क्यों मचा है यह हंगामा?इस बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे तीन बड़ी वजहें हैं:’वर्क फ्रॉम होम’का अंत:ज़्यादातर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वापस ऑफिस बुला लिया है।मांग अधिक, आपूर्ति कम:जितनी तेजी से कंपनियों को ऑफिस चाहिए,उतनी तेजी से नई बिल्डिंगें बन नहीं रही हैं।ITऔर फाइनेंस सेक्टर की धूम:ये दोनों सेक्टर जमकर हायरिंग कर रहे हैं और उन्हें अपने कर्मचारियों के लिए बड़े-बड़े ऑफिस चाहिए।साफ है कि यह मारामारी तब तक शांत नहीं होगी,जब तक बाजार में नए ऑफिस प्रोजेक्ट्स की बाढ़ नहीं आ जाती। तब तक,कंपनियों को अपनी जेब ढीली करने के लिए तैयार रहना होगा।