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Australia Attack : ISIS के झंडे और वो रहस्यमयी छुट्टी बॉन्डी बीच के हमलावर बाप बेटे की पूरी कुंडली

News India Live, Digital Desk : एक पिता का फर्ज होता है अपने बेटे को उंगली पकड़कर सही राह पर चलाना। लेकिन क्या हो जब वही पिता अपने बेटे के हाथ में कलम की जगह कट्टा और दिल में प्यार की जगह नफरत भर दे? ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच (Bondi Beach) पर जो हुआ, वो सिर्फ एक आतंकी हमला नहीं था, बल्कि एक पिता द्वारा अपने ही खून को ‘बारूद’ में बदलने की कहानी थी।पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, रोंगटे खड़े करने वाले सच सामने आ रहे हैं। इस हमले के तार सिडनी की गलियों से निकलकर फिलीपींस के जंगलों तक जुड़ते दिख रहे हैं।बाप-बेटे की फिलीपींस वाली ‘मिस्ट्री ट्रिप’इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जांच एजेंसियों को पता चला कि हमलावर साजिद (पिता) और नवीद (बेटा) हमले से ठीक कुछ हफ्ते पहले फिलीपींस (Philippines) गए थे।अब आप सोच रहे होंगे, फिलीपींस तो लोग घूमने जाते हैं? लेकिन पुलिस का शक कुछ और है। फिलीपींस के दक्षिणी इलाके ISIS से जुड़े गुटों का गढ़ माने जाते हैं। जांच एजेंसी को पक्का यकीन है कि यह कोई ‘फैमिली वेकेशन’ नहीं था। यह बाप-बेटे वहां रिलैक्स करने नहीं, बल्कि रेडिकलाइज होने और शायद हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने गए थे। वहां से लौटने के बाद ही उनके व्यवहार में बदलाव आया और उन्होंने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।दिमाग में ISIS, कार में विस्फोटकहमले के बाद जब पुलिस ने नवीद (बेटे) की कार की तलाशी ली, तो वहां जो मिला उसने शक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी। कार के अंदर से ISIS के झंडे और घर पर बनाए गए बम (IEDs) मिले। यह बताता है कि यह हमला आवेश में आकर नहीं किया गया था। इसकी प्लानिंग बहुत पहले से चल रही थी, और उसका रिमोट कंट्रोल कट्टरपंथी विचारधारा के हाथ में था।खून के रिश्ते, खून की नदियांसोचिए उस 24 साल के लड़के (नवीद) के बारे में, जो अभी अपनी जिंदगी शुरू ही कर रहा था। लेकिन 50 साल के उसके पिता साजिद ने उसे ऐसा ‘ब्रेनवॉश’ किया कि वह अपनी जान और दूसरों की जान लेने पर आमादा हो गया। पुलिस कार्रवाई में पिता तो मारा गया, लेकिन बेटा अब भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भी साफ कहा है कि यह “भयावह विचारधारा” का नतीजा है। यह घटना हम सबके लिए एक सवाल छोड़ गई है- आतंकवाद सिर्फ सीमाओं पर नहीं लड़ रहा, वो अब घरों के अंदर घुसकर पीढ़ियों को बर्बाद कर रहा है। फिलीपींस से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक फैली नफरत की इस चेन को तोड़ने के लिए अब दुनिया को और सतर्क होना होगा।