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World’s Toughest Exam : दुनिया की वो परीक्षा, जिसके लिए थम जाता है पूरा देश ,8 घंटे तक लाखों छात्र लिखते हैं अपना भविष्य

News India Live, Digital Desk: जब हम भारत में इंजीनियरिंग के लिए JEE या मेडिकल के लिए NEET जैसी कठिन परीक्षाओं की बात करते हैं, तो हमें लगता है कि इससे मुश्किल और क्या होगा। लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए एक ऐसी परीक्षा होती है, जिसके सामने ये परीक्षाएं भी शायद आसान लगें। यह परीक्षा इतनी महत्वपूर्ण और तनावपूर्ण होती है कि उस दिन पूरे देश की धड़कनें थम सी जाती हैं।हम बात कर रहे हैं दक्षिण कोरिया के ‘कॉलेज स्कोलास्टिक एबिलिटी टेस्ट’ (CSAT) की, जिसे ‘सुनुंग’ (Suneung) के नाम से भी जाना जाता है। यह दुनिया की सबसे लंबी और सबसे कठिन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस परीक्षाओं में से एक मानी जाती है।8 घंटे, 6 विषय और लाखों छात्रों का भविष्ययह कोई आम 2-3 घंटे की परीक्षा नहीं है। CSAT एक मैराथन परीक्षा है जो सुबह 8:40 पर शुरू होती है और शाम 5:45 पर खत्म होती है, यानी 8 घंटे से भी ज्यादा समय तक चलती है। छात्रों को बीच में लंच और छोटे-छोटे ब्रेक का समय मिलता है। इस एक ही दिन में छात्रों को 6 अलग-अलग विषयों की परीक्षा देनी होती है, जिनमें कोरियाई भाषा, गणित, अंग्रेजी, कोरियाई इतिहास, सामाजिक विज्ञान/विज्ञान और दूसरी विदेशी भाषा शामिल हैं।इस एक परीक्षा का स्कोर यह तय करता है कि छात्र को देश की टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलेगा या नहीं। इसी स्कोर पर उनका पूरा करियर और भविष्य दांव पर लगा होता है।जब एक परीक्षा के लिए रुक जाता है पूरा देशआप इस परीक्षा के महत्व का अंदाज़ा इसी बात से लगा सकते हैं कि जिस दिन CSAT होती है, उस दिन दक्षिण कोरिया में एक अघोषित बंद जैसा माहौल होता है।ऑफिस खुलते हैं देर से: सरकारी दफ्तरों और कई प्राइवेट कंपनियों में काम 1-2 घंटे देरी से शुरू होता है, ताकि सड़कों पर ट्रैफिक जाम न हो और छात्र समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें।रोक दिए जाते हैं हवाई जहाज़: परीक्षा के दौरान अंग्रेजी विषय के सुनने वाले (Listening) सेक्शन के समय, लगभग 30-35 मिनट के लिए पूरे देश में हवाई जहाज़ों के उड़ने और उतरने पर रोक लगा दी जाती है, ताकि शोर से छात्रों का ध्यान न भटके।पुलिस बनती है मददगार: अगर कोई छात्र लेट हो रहा होता है, तो उसे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए पुलिस की गाड़ियां और मोटरसाइकिलें तैनात रहती हैं।शेयर बाज़ार में देरी: छात्रों की सहूलियत के लिए देश का स्टॉक मार्केट भी एक घंटा देरी से खुलता है।प्रार्थनाओं का दौर: परीक्षा वाले दिन, माता-पिता मंदिरों और चर्चों में जाकर अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए प्रार्थना करते हैं। जूनियर छात्र अपने सीनियर्स के लिए चीयर करते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।यह परीक्षा सिर्फ एक छात्र की नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की होती है। दक्षिण कोरिया में अच्छी यूनिवर्सिटी में दाखिला पाना सफलता का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है। इसी वजह से छात्रों पर बहुत ज़्यादा सामाजिक और मानसिक दबाव होता है। यह दिन उनके 12 साल की कड़ी मेहनत का नतीजा होता है, और इसीलिए पूरा देश यह सुनिश्चित करने में लग जाता है कि छात्रों को परीक्षा देने में कोई भी परेशानी न हो।यह परीक्षा सिर्फ ज्ञान की नहीं, बल्कि छात्रों के धैर्य, सहनशीलता और मानसिक मजबूती की भी होती है, जिसके लिए पूरा देश एक साथ खड़ा दिखाई देता है।