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अब न मकान मालिक की मनमानी चलेगी, न किराएदार की दादागिरी! आ गया 2026 का नया किराया कानून, जानें A to Z

“अगले महीने से किराया₹2000बढ़ा रहा हूं,रहना है तो रहो,वरना घर खाली कर दो!””मेरा6महीने का डिपॉजिट वापस नहीं दे रहे,अब मैं घर खाली नहीं करूंगा!”मकान मालिक और किराएदार के बीच होने वाले ये झगड़े भारत के हर गली-मोहल्ले की कहानी हैं। इन्हीं अंतहीन झगड़ों को खत्म करने के लिए,सरकार ने अब’Home Rent Rules 2026’नाम का एक नया और सख्त किराया कानून लागू कर दिया है,जो किसी’ब्रह्मास्त्र’से कम नहीं है।यह नया कानून सिर्फ किराएदारों को ही नहीं,बल्कि मकान मालिकों को भी बचाता है। तो चलिए,बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि इस नए’रेंट के संविधान’में आपके लिए क्या-क्या बदला है।अब बिना’रजिस्टर्ड एग्रीमेंट’के नहीं चलेगा काम!सबसे बड़ा और सबसे सख्त नियम यही है। अब जुबानी बातों या सादे कागज पर लिखे एग्रीमेंट की कोई कीमत नहीं रह जाएगी।क्या है नियम:अब हर किराएदारी काऑनलाइन रजिस्ट्रेशनकरानाअनिवार्यहोगा।फायदा:इससे न तो मकान मालिक बाद में अपनी बातों से मुकर पाएगा,और न ही किराएदार। अगर कोई विवाद होता है,तो यही रजिस्टर्ड एग्रीमेंट आपका सबसे बड़ा सबूत होगा।मकान मालिकों के लिए2 ‘गुड न्यूज’और2 ‘बैड न्यूज’गुड न्यूज:कब्जे का डर खत्म:अगर किराएदार तय समय के बाद घर खाली नहीं करता,तो आप नएRent Tribunal (किराया कोर्ट) में जाकर जल्दी सुनवाई की मांग कर सकते हैं,और आपको मुआवजा भी मिलेगा।कानूनी सुरक्षा:अगर किराएदार समय पर किराया नहीं देता या प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाता है,तो अब आप उसे कानूनी तरीके से जल्दी घर से निकाल सकते हैं।बैड न्यूज:मनमानी खत्म:अब आप बिना वजह या बिना नोटिस के किराएदार को घर से नहीं निकाल सकते।बिना बताए घर में’No Entry’:अब आपको किराएदार के घर में जाने से पहले उसे24घंटे का लिखित नोटिसदेना होगा।किराएदारों के लिए5सबसे बड़ी राहत!सिक्योरिटी डिपॉजिट पर लगाम:अब मकान मालिकरेजिडेंशियल प्रॉपर्टीके लिएसिर्फ2महीने का किरायाही सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर ले सकता है (कमर्शियल के लिए6महीने)।6-6महीने का डिपॉजिट मांगने का जमाना अब गया!हर साल किराया नहीं बढ़ेगा:मकान मालिक अब साल में सिर्फ एक बार ही किराया बढ़ा सकता है,और उसके लिए भी उसे3महीने पहले लिखित नोटिसदेना होगा।मरम्मत की टेंशन खत्म:अब यह साफ कर दिया गया है कि छोटी-मोटी मरम्मत (जैसे बल्ब बदलना) किराएदार कराएगा,और बड़ी मरम्मत (जैसे दीवार में सीलन) मकान मालिक की जिम्मेदारी होगी।निजता का सम्मान:मकान मालिक अब जब चाहे आपके घर में नहीं घुस सकता। उसे पहले आपसे इजाजत लेनी होगी।जबरन खाली नहीं करा सकते:अब आपको कोई भी मकान मालिक गुंडागर्दी करके घर से नहीं निकाल सकता। इसके लिए उसेRent Tribunalसे आदेश लाना होगा।झगड़ा हुआ तो कहां जाएं? (अब कोर्ट के चक्कर नहीं!)नए कानून के तहत,अब किराए के छोटे-मोटे झगड़ों के लिए आपको सालों-साल सिविल कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।इसके लिए हर जिले में एकRent AuthorityऔरRent Tribunal (किराया कोर्ट)बनाया गया है।यहां मामलों की सुनवाई60से90दिनों के अंदरपूरी करनी होगी।यह नया कानून मकान मालिक और किराएदार,दोनों के लिए एक ‘सेतु’का काम करेगा। यह दोनों को सुरक्षा भी देता है और दोनों की जिम्मेदारियां भी तय करता है,ताकि यह रिश्ता भरोसे पर चले,झगड़े पर नहीं।