
ग्लोबल टेक, ऑटोमोबाइल और डिफेंस सेक्टर से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पूरी दुनिया को आगाह करते हुए एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि आधुनिक तकनीकों, रक्षा प्रणालियों और औद्योगिक उत्पादन के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले 'क्रिटिकल मिनरल्स' (Critical Minerals) की वैश्विक सप्लाई चेन पर चीन का बढ़ता एकाधिकार और दबदबा अमेरिका सहित पूरी दुनिया की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक विनाशकारी खतरा बन सकता है। वाशिंगटन में अमेरिकी संसद की एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन इस बड़े खतरे से निपटने के लिए बीजिंग पर अपनी निर्भरता को शून्य करने की दिशा में युद्धस्तर पर काम कर रहा है और इसके लिए दुनिया भर में नए रणनीतिक साझेदार तलाशे जा रहे हैं। किसी एक देश पर 90% निर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खुदकुशी जैसा, अमेरिकी संसद में गूंजी चेतावनी अमेरिकी संसद की शक्तिशाली 'हाउस एप्रोप्रिएशंस सबकमेटी' के सामने बेहद आक्रामक अंदाज में बोलते हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद खतरनाक और कमजोर स्थिति है कि किसी भी बेहद जरूरी चीज, चाहे वह आपका इंडस्ट्रियल बेस हो, आधुनिक डिफेंस सिस्टम हो या फिर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, उसके कच्चे माल और प्रोसेसिंग के लिए 90 प्रतिशत तक सिर्फ एक ही देश पर निर्भर रहना पड़े। मार्को रुबियो ने जोर देकर कहा कि एक ही देश में इतने महत्वपूर्ण खनिजों और उनकी रिफाइनिंग क्षमता का केंद्रित होना अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोप, भारत और एशिया के तमाम सहयोगी देशों के लिए एक बहुत बड़ी रणनीतिक कमजोरी साबित हो रहा है, जिसका फायदा उठाकर चीन संकट के समय दुनिया को आर्थिक रूप से ब्लैकमेल कर सकता है। लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर छिड़ी जंग, ट्रंप प्रशासन के एजेंडे में सबसे ऊपर अमेरिकी विदेश मंत्री का यह तीखा और बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला प्रशासन अपनी नई आर्थिक और विदेश नीति में 'क्रिटिकल मिनरल्स' को सबसे शीर्ष प्राथमिकता दे रहा है। जानकारों के मुताबिक, लिथियम, कोबाल्ट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ पृथ्वी तत्व) और ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिज आज के दौर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs), सेमीकंडक्टर्स (चिप्स), हाई-टेक बैटरियों, टेलीकॉम उपकरणों, रिन्यूएबल एनर्जी और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों व मिसाइल सिस्टम के लिए सबसे अनिवार्य तत्व हैं। अमेरिका अब इन खनिजों के खनन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग तक के वैकल्पिक और सुरक्षित वैश्विक स्रोत तैयार करने के लिए अपने मित्र देशों के साथ मिलकर सप्लाई चेन को पूरी दुनिया में अलग-अलग सुरक्षित जगहों पर फैलाने (Diversify) की नीति पर चल रहा है। अमेरिकी कूटनीति का मुख्य हथियार बने क्रिटिकल मिनरल्स, तीन दर्जन से अधिक देश एक मंच पर आए चीन के इस आर्थिक चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए अमेरिका ने अपनी वैश्विक कूटनीतिक ताकत झोंक दी है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संसद को जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिका ने इस रणनीतिक मिशन के तहत तीन दर्जन या उससे भी ज्यादा देशों को एक साथ लाकर एक विशेष 'क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग' का सफल आयोजन किया है। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि अब क्रिटिकल मिनरल्स अमेरिकी विदेश नीति और कूटनीति का एक सबसे अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं और दुनिया भर के लगभग हर देश में स्थित अमेरिकी दूतावास (US Embassy) को विशेष रूप से इस एजेंडे पर काम करने और स्थानीय सरकारों से बात करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सिर्फ माइनिंग नहीं, मित्र देशों में प्रोसेसिंग हब बनाएगा अमेरिका, दवाओं की सप्लाई पर भी बढ़ी चिंता अमेरिकी विदेश मंत्री ने वाशिंगटन की भावी और दीर्घकालिक रणनीति साझा करते हुए बताया कि अमेरिका का प्लान सिर्फ खनिज संपदा वाले देशों से कच्चा माल हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका उन मित्र देशों के भीतर ही अत्याधुनिक प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता (Processing Capacity) विकसित करने के लिए भारी निवेश और तकनीकी सहायता भी प्रदान कर रहा है। इसी सुनवाई के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर बनी हाउस सेलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष जॉन मोलिनार ने भी इस अमेरिकी रणनीति का पुरजोर समर्थन किया। रुबियो ने अंत में आगाह किया कि चीन का यह खतरनाक एकाधिकार सिर्फ खनिजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन रक्षक दवाइयों (Pharma API) और अन्य महत्वपूर्ण विनिर्माण क्षेत्रों में भी उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा चीन में केंद्रित हो चुका है, जो भविष्य में किसी भी वैश्विक आपातकाल के समय पूरी मानव जाति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा हथियार बन सकता है।
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