
बिहार के शिक्षा जगत और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले हब से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना के चर्चित शिक्षक 'खान सर' (Khan Sir) और उनके जैसे कई अन्य कोचिंग संचालकों को लेकर बिहार सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन का आरोप है कि कुछ कोचिंग संस्थान और शिक्षक अपने निजी हितों या सोशल मीडिया रीच के लिए सीधे या परोक्ष रूप से छात्रों को भड़काने और कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने के लिए उकसाते हैं। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने कोचिंग माफियाओं और अनियंत्रित हो चुके कोचिंग सेंटर्स पर लगाम कसने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पूरे बिहार में कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' (आचार संहिता) लागू कर दिया है। छात्रों को उकसाने के आरोपों के बाद जागा प्रशासन यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब हाल के दिनों में हुए कई छात्र आंदोलनों और हिंसक प्रदर्शनों के पीछे कुछ बड़े कोचिंग संचालकों के बयानों और सोशल मीडिया वीडियोज की भूमिका सामने आई। सरकारी सूत्रों और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, कतिपय शिक्षक अपनी लोकप्रियता का फायदा उठाकर युवाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि छात्रों के भविष्य और राज्य की कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। खान सर कोचिंग विवाद इसी कड़ी का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरा है, जिसके बाद सरकार को यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। नए गाइडलाइंस में क्या है खास और कैसे कसेगा शिकंजा सरकार द्वारा जारी किए गए नए 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट' के तहत अब बिहार के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए नियम पूरी तरह बदल जाएंगे। नए नियमों के मुताबिक, कोई भी कोचिंग संस्थान या शिक्षक सोशल मीडिया या क्लासरूम के भीतर ऐसा कोई भी बयान, भड़काऊ भाषण या पोस्ट साझा नहीं कर सकेगा जिससे छात्रों में असंतोष फैले या वे हिंसक प्रदर्शनों के लिए प्रेरित हों। इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों को अब अपनी फीस संरचना, फैकल्टी की जानकारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा मानकों की पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों का रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा और उन पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। बिहार के कोचिंग हब में मचा हड़कंप और शिक्षकों की प्रतिक्रिया इस कड़े फैसले के बाद पटना के मुसल्लहपुर हाट, भिखना पहाड़ी और बोरिंग रोड जैसे बड़े कोचिंग एरियाज में हड़कंप मच गया है। जहां एक तरफ छात्र और अभिभावक सरकार के इस कदम को सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से सही ठहरा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ कोचिंग संचालकों का मानना है कि इस आचार संहिता की आड़ में प्रशासन शिक्षकों की आवाज को दबाने की कोशिश कर सकता है। खान सर की तरफ से अभी तक इस पूरे विवाद और नई गाइडलाइंस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह नया कानून बिहार के अरबों रुपये के कोचिंग उद्योग की दिशा और दशा को हमेशा के लिए बदल कर रख देगा।
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