
कटक, 29 सितंबर :बारिश के कारण जब क्रिकेट मैच रुक जाता है और खिलाड़ी एवं दर्शक मौसम साफ होने का इंतजार करते हैं, तब स्टेडियम के ग्राउंड स्टाफ मैदान को दोबारा खेलने लायक बनाने की जद्दोजहद में जुट जाते हैं। ऐसा ही एक नजारा भारत मसाला ओडिशा टी20 लीग—सीएम ट्रॉफी के दौरान कटक के बाराबती स्टेडियम में भी देखने को मिला है, जहां जब भी संभव हुआ मैच शुरू कराने में ग्राउंड स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।
बाराबती स्टेडियम के ग्राउंड स्टाफ के सदस्य हृषिकेश सिंह, जिन्हें केशव के नाम से भी जाना जाता है, करीब 20 वर्षों से इस काम से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में मैदान तैयार करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अनुभव और टीमवर्क से मुश्किल हालात संभालने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि बारिश रुकने के बाद सबसे पहले पिच तैयार की जाती है और उसके बाद आउटफील्ड पर काम होता है। इस काम में करीब 50 से 60 लोग जुटते हैं, जिनमें 12 ग्राउंड स्टाफ के सदस्य शामिल हैं। पिच को खेलने लायक बनाने में कम से कम डेढ़ से दो घंटे लगते हैं।
सिंह ने कहा कि बारिश रुकते ही काम शुरू करना पड़ता है, क्योंकि मैच पहले ही देर हो चुका होता है और समय सीमित रहता है। अलग-अलग तकनीकों के साथ पूरी टीम मिलकर मैदान तैयार करती है। उन्होंने कहा कि इस काम में टीमवर्क सबसे महत्वपूर्ण है।
हृषिकेश सिंह ने आयोजकों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य हमेशा यही रहता है कि मौसम की स्थिति अनुकूल होते ही मैच शुरू कराया जा सके।
UK News