News India Live, Digital Desk : 24 नवंबर की तारीख बॉलीवुड के इतिहास में एक काले अध्याय की तरह दर्ज हो गई। हमारे प्यारे ‘धरम पाजी’ (Dharmendra) हमें छोड़कर चले गए। लेकिन कहते हैं न कि कलाकार जिस्म से मर सकता है, अपनी कला से नहीं। धर्मेंद्र जी सिर्फ एक एक्टर नहीं थे, वो एक अहसास थे। उनकी वो मासूम हंसी, वो गुस्सा, और वो रोमांस… सब कुछ जादुई था।
आज जब हम सब उन्हें नम आँखों से याद कर रहे हैं, तो चलिए उनके उस सफर को दोबारा जीते हैं जिसने एक गांव के साधारण लड़के को देश का ‘ही-मैन’ बना दिया। यहाँ उनकी वो 10 बेहतरीन फिल्में (Top 10 Classics) हैं, जो हर सिनेमा लवर की वॉच-लिस्ट में होनी चाहिए।
1. शोले (Sholay)
शुरुआत तो यहीं से होगी! वीरू का किरदार… “बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना” या फिर टंकी पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देना। इस फिल्म में धर्मेंद्र का हर एक सीन आइकॉनिक है। अमिताभ के साथ उनकी दोस्ती (Jai-Veeru) मिसाल बन गई।
2. चुपके चुपके (Chupke Chupke)
अगर आपको लगता है कि वो सिर्फ़ मार-धाड़ करते थे, तो यह फिल्म देखिए। ड्राइवर ‘प्यारेमोहन’ बनकर उन्होंने जो कॉमेडी की, वो आज भी हंसा-हंसाकर पेट में दर्द कर देती है। शुद्ध हिंदी बोलने वाला वो सीन कौन भूल सकता है!
3. सत्यकाम (Satyakam)
धर्मेंद्र जी खुद इसे अपने करियर की सबसे बेस्ट फिल्म मानते थे। इसमें उन्होंने एक ऐसे इंसान का रोल किया जो अपनी सच्चाई और उसूलों के लिए जान दे देता है। उनकी आँखों में जो ईमानदारी इस फिल्म में दिखी, वो दिल को भेद जाती है।
4. फूल और पत्थर (Phool Aur Patthar)
यह वो फिल्म थी जिसने उन्हें देश का पहला ‘ही-मैन’ बनाया। वो सीन, जहां वो अपनी शर्ट उतारकर एक बीमार बुजुर्ग महिला को अपनी कमीज ओढ़ाते हैं… उसने धर्मेंद्र को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था।
5. धरम-वीर (Dharam Veer)
“राजकुमार को तो हम मूंछ का ताव और कोड़े की मार से भी पहचान लेते हैं…” जीतेन्द्र के साथ उनकी यह फिल्म पूरी तरह से पैसा वसूल एंटरटेनर थी। उनका ग्लैडिएटर वाला लुक बहुत फेमस हुआ था।
6. सीता और गीता (Seeta Aur Geeta)
हेमा मालिनी के साथ उनकी केमिस्ट्री लाजवाब थी। इस फिल्म में एक ‘रकाका’ (Street performer) के रोल में उनका टपोरी अंदाज और रोमांस, दोनों ही देखने लायक थे।
7. मेरा गांव मेरा देश (Mera Gaon Mera Desh)
शोले से पहले अगर डकैतों पर कोई बेहतरीन फिल्म बनी थी, तो वो यही थी। अजीत के साथ उनका टकराव और ‘मेरा धरम’ वाला किरदार दर्शकों को खूब पसंद आया।
8. यादों की बारात (Yaadon Ki Baaraat)
खोए हुए भाइयों की कहानी और ज़ीनत अमान के साथ उनकी जोड़ी। इस फिल्म ने धर्मेंद्र को ‘एक्शन के साथ रोमांस’ के जॉनर में भी फिट कर दिया था।
9. हुकूमत (Hukumat)
80 का दशक और ‘अनिल शर्मा’ की डायरेक्शन। इस फिल्म में धर्मेंद्र ने एक सख्त पुलिस वाले का किरदार निभाया था। यह उस साल की सबसे बड़ी हिट साबित हुई थी और उनकी ‘एक्शन स्टार’ की इमेज को और पुख्ता किया।
10. अपने (Apne)
जब लगा कि धर्मेंद्र जी का दौर थम गया, वो ‘अपने’ लेकर आए। सनी और बॉबी के साथ पर्दे पर उन्हें देखकर ऐसा लगा जैसे हम अपने घर के बुजुर्ग को देख रहे हों। बॉक्सिंग रिंग में गिरकर भी बेटे के लिए खड़े होना… यह फिल्म आपको रोने पर मजबूर कर देती है।
दोस्तों, फिल्में तो उन्होंने 300 से ज्यादा कीं, लेकिन ये कुछ ऐसी कहानियां हैं जिनमें धर्मेंद्र जी की आत्मा बसती है। तो जब भी उनकी याद आए, इनमें से कोई भी फिल्म चला लीजिये, वो वहीं आपके सामने मुस्कुराते हुए मिल जाएंगे।अलविदा, धरम पाजी
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