
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान से आई ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। ईरान के मध्य रेगिस्तानी इलाके में मिट्टी के ऊंचे पहाड़ों के नीचे और ज़मीन की गहराई में एक विशालकाय ‘न्यूक्लियर बंकर’ का निर्माण तेजी से चल रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह साइट इतनी गहरी और मजबूत है कि दुनिया का सबसे आधुनिक ‘बंकर बस्टर’ बम भी इसे नहीं भेद सकता। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पेंटागन और इजरायल की चिंताएं चरम पर हैं।सैटेलाइट तस्वीरों में कैद हुआ ‘अभेद्य’ निर्माणहालिया सैटेलाइट इमेज (Satellite Images) से पता चला है कि ईरान के नतान्ज़ (Natanz) परमाणु केंद्र के पास चार नए प्रवेश द्वार बनाए गए हैं।मिट्टी के ऊंचे ढेर: साइट के पास खुदाई से निकली मिट्टी के विशाल पहाड़ बन गए हैं, जो इशारा करते हैं कि सुरंगें ज़मीन के बहुत नीचे तक जा रही हैं।अभेद्य सुरक्षा: इस साइट के चारों ओर अत्याधुनिक एंटी-एयरक्राफ्ट गन और मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं, जिससे यह क्षेत्र किसी ‘किले’ जैसा नजर आता है।क्या परमाणु हथियारों की दहलीज पर है ईरान?अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के आंकड़ों के अनुसार, ईरान की परमाणु गतिविधियां अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं:पहलूवर्तमान स्थिति (2026)यूरेनियम संवर्धनईरान ने 60% से अधिक शुद्धता वाले यूरेनियम का भंडार बढ़ा लिया है।सुरंग की गहराईअनुमान है कि यह साइट ज़मीन से 80 से 100 मीटर नीचे है।पहुंच से बाहरइतनी गहराई पर अमेरिकी बम $GBU-57$ भी बेअसर साबित हो सकता है।अमेरिका और इजरायल की बढ़ी बेचैनी: क्या होगा अगला कदम?ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन जिस तरह से निर्माण को छिपाया जा रहा है, वह कुछ और ही कहानी बयां करता है।वॉशिंगटन का रुख: बाइडेन प्रशासन ने चेतावनी दी है कि वे ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देंगे, लेकिन कूटनीतिक रास्ते बंद होते दिख रहे हैं।इजरायल की ‘रेड लाइन’: इजरायल के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान परमाणु बम बनाने के करीब पहुंचता है, तो वे अकेले ही सैन्य कार्रवाई (Pre-emptive Strike) करने से पीछे नहीं हटेंगे।क्यों खास है यह नई साइट?रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि ईरान ने अपनी पिछली गलतियों से सीखा है। पुरानी साइट्स पर हुए साइबर हमलों और ड्रोनों के जरिए हुई तोड़फोड़ के बाद, अब ईरान अपनी पूरी परमाणु मशीनरी को पहाड़ों के सीने में दफन कर देना चाहता है, जहाँ से उसे निकालना लगभग असंभव होगा। यह न केवल इजरायल के लिए, बल्कि पूरे वैश्विक सुरक्षा ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती है।
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