
मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब पूरी तरह बेकाबू होता नजर आ रहा है। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान की सीमा के भीतर घुसकर कई प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इन भीषण हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल में हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के बाद पहली बार तेहरान के आसमान में ईरान के मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया है। खाड़ी के आसमान में अमेरिकी वायुसेना के जासूसी और रिफ्यूलिंग विमान लगातार चक्कर काट रहे हैं।
ईरान के इन प्रमुख शहरों पर गिरे अमेरिकी बम
ईरानी मीडिया और समाचार एजेंसियों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना की इस हालिया बमबारी ने ईरान के मध्य और पश्चिमी प्रांतों को दहला कर रख दिया है। मुख्य रूप से इन तीन शहरों को निशाना बनाया गया है:
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खोंदाब (Khondab): ईरान के मध्य मरकजी प्रांत में स्थित खोंदाब शहर के बाहरी इलाके में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने दो भीषण हवाई हमले किए हैं। स्थानीय डिप्टी गवर्नर ने भी इन जोरदार धमाकों की पुष्टि की है।
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खुर्रमबाद (Khorramabad): राजधानी तेहरान से लगभग 490 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित खुर्रमबाद शहर में कम से कम दो बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।
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बोरुजर्द (Borujerd): पश्चिमी ईरान के इस महत्वपूर्ण शहर के पास भी कई सिलसिलेवार धमाके होने की रिपोर्ट है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में ईरानी सेना की हलचल चरम पर पहुंच गई है।
तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिव, बाहरी इलाकों में भारी हलचल
हमलों की गंभीरता को देखते हुए ईरानी सेना ने अपनी राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। हालांकि, मुख्य तेहरान शहर पर सीधे किसी बमबारी की खबर नहीं है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेहरान के बाहरी संवेदनशील सैन्य इलाके परचिन (Parchin) या पाकदाश्त (Pakdasht) के पास हुई संदिग्ध गतिविधियों के कारण ही एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को ट्रिगर किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन हमलों में हुए जान-माल के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है।
आसमान में ट्रैक हुए अमेरिकी जासूसी और रिफ्यूलिंग विमान
इस बड़े सैन्य ऑपरेशन की गवाही पब्लिक फ्लाइट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स (Flight Tracking Apps) भी दे रहे हैं। क्षेत्र के आसमान में अमेरिकी वायुसेना (USAF) के निम्नलिखित आधुनिक विमानों को लगातार उड़ान भरते हुए ट्रैक किया गया है:
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KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (3 विमान): हवा में ही फाइटर जेट्स को ईंधन (Refueling) देने के लिए।
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KC-46A पेगासस (2 विमान): अमेरिकी लड़ाकू विमानों की रीच बढ़ाने के लिए तैनात।
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E-3 सेंट्री (AWACS): आसमान से दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखने वाला एडवांस एयरबर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम।
स्टील्थ फाइटर जेट्स का सीक्रेट मिशन: सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैकिंग ऐप्स पर दिखने वाले यह विमान इस बड़े ऑपरेशन का महज एक छोटा सा हिस्सा हैं। असल हमलों को अंजाम देने वाले कई खतरनाक अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट्स (जैसे F-35 या B-2) अपना डेटा शेयर किए बिना (Radar Evading Mode में) इस मिशन को अंजाम दे रहे हैं।
ईरान की सख्त चेतावनी: 'हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन पीछे भी नहीं हटेंगे'
इस भीषण बमबारी के बीच ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) का एक बड़ा और सख्त बयान सामने आया है। गालीबाफ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए कहा:
"तेहरान ने कभी भी अपनी तरफ से युद्ध की पहल नहीं की है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए वह अमेरिका के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने के लिए तैयार है। हमारी कूटनीति और बातचीत की मेज पर मौजूदगी को कोई हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे, यह हमारी सैन्य तैयारियों का ही एक हिस्सा है।"
ईरानी वार्ताकार ने अमेरिका को दो टूक चेतावनी दी कि अगर ईरान को वाशिंगटन के साथ हुए पिछले समझौतों से कोई आर्थिक या रणनीतिक लाभ नहीं मिलता है, तो तेहरान के पास उस आपसी सहमति (MoU) और संघर्षविराम का सम्मान करने की कोई मजबूरी नहीं बचेगी।
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