
News India Live, Digital Desk: फरवरी 2018 में जस्टिन ट्रूडो अपनी पत्नी सोफी और बच्चों के साथ मुंबई पहुंचे थे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करना था। इसी सिलसिले में उन्होंने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी से उनके घर पर मुलाकात की।1. एंटीलिया में ‘शाही’ स्वागतजस्टिन ट्रूडो और उनके परिवार का एंटीलिया में मुकेश अंबानी, नीता अंबानी और उनके बच्चों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।पारंपरिक अंदाज: ट्रूडो परिवार इस दौरान भारतीय परिधानों में नजर आया था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।बिजनेस टॉक: रिपोर्ट्स के अनुसार, इस निजी मुलाकात में कनाडा में रिलायंस इंडस्ट्रीज के संभावित निवेश और दोनों देशों के बीच डिजिटल इकोनॉमी को लेकर चर्चा हुई।2. मुलाकात के बाद क्या हुआ? (What Happened Next)मुकेश अंबानी से मिलने के बाद जस्टिन ट्रूडो ने मुंबई में एक ‘बिजनेस राउंडटेबल’ (Business Roundtable) में हिस्सा लिया:बड़े निवेश का वादा: इस मुलाकात और अन्य व्यापारिक बैठकों के बाद ट्रूडो ने घोषणा की कि भारतीय कंपनियों के साथ हुए समझौतों से कनाडा में 5,000 से अधिक नई नौकरियां पैदा होंगी।टाटा और महिंद्रा से मुलाकात: अंबानी के अलावा ट्रूडो ने रतन टाटा, आनंद महिंद्रा और कुमार मंगलम बिड़ला जैसे दिग्गजों से भी मुलाकात की थी।कनाडा-भारत व्यापार: ट्रूडो के इस दौरे के बाद कनाडा के पेंशन फंड्स (जैसे CPPIB) ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अरबों डॉलर का निवेश शुरू किया।3. विवादों में भी रहा था दौराहालांकि यह मुलाकात बिजनेस के लिहाज से सफल रही, लेकिन ट्रूडो का यह दौरा कुछ विवादों से भी घिरा रहा:खालिस्तानी मुद्दा: दौरे के दौरान खालिस्तानी समर्थक जसपाल अटवाल की मौजूदगी को लेकर काफी हंगामा हुआ था, जिससे कूटनीतिक रिश्तों में थोड़ी तल्खी आई थी।फोटो-ऑप का आरोप: कनाडाई मीडिया ने उस समय ट्रूडो की आलोचना की थी कि उनका दौरा व्यापार से ज्यादा ‘पर्यटन’ और ‘फोटो खिंचवाने’ (Photo-op) पर केंद्रित था।4. एंटीलिया की मेहमानवाजीट्रूडो पहले ऐसे विदेशी नेता नहीं थे जो एंटीलिया आए। उनसे पहले बराक ओबामा, हिलेरी क्लिंटन और कई अन्य वैश्विक नेता इस घर की भव्यता और अंबानी परिवार की मेहमानवाजी देख चुके हैं।
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