Saturday , August 15 2026

CM योगी आदित्यनाथ ने दी 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई, कहा- उत्तर प्रदेश के बिना अधूरी थी देश की आजादी की यह महान लड़ाई

आज पूरा देश अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ यानी 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मना रहा है। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास और विधान भवन पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया तथा प्रदेशवासियों को इस पावन पर्व की अनंत शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों, अमर शहीदों और मां भारती के वीर सपूतों को नमन किया जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि भारत के स्वाधीनता संग्राम में उत्तर प्रदेश की धरती और यहां के महान स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान अतुलनीय रहा है, और यूपी के बिना देश की आजादी की यह पूरी लड़ाई अधूरी मानी जाएगी। आइए जानते हैं मुख्यमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें और इस स्वतंत्रता दिवस के जश्न से जुड़ी खास खास जानकारियां।

विधान भवन पर फहराया गया तिरंगा, शहीदों को किया गया शत-शत नमन

स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया, जहां भव्य तैयारियां देखने को मिलीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्धारित समय पर विधान भवन परिसर में पहुंचकर शान से तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर पुलिस बल और पीएसी के जवानों द्वारा शानदार मार्च पास्ट और परेड प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गर्व, आत्मचिंतन और उन असंख्य बलिदानियों को याद करने का दिन है जिनके त्याग के बल पर आज हम स्वतंत्र भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हमें देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए हमेशा पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए।

'उत्तर प्रदेश के बिना अधूरी थी आजादी की पूरी जंग'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ओजस्वी भाषण में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को याद करते हुए उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और निर्णायक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1857 की प्रथम स्वाधीनता क्रांति का शंखनाद इसी उत्तर प्रदेश की धरती यानी मेरठ से हुआ था, जिसने अंग्रेजी हुकूम की नींव को हिलाकर रख दिया था। मंगल पाण्डेय, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद और पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे अनगिनत महान नायकों ने इसी पावन भूमि पर जन्म लेकर देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि यदि हम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के पन्नों को पलटकर देखें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि उत्तर प्रदेश के योगदान के बिना देश की आजादी की यह महागाथा कभी पूरी नहीं हो सकती थी। प्रदेश की हर एक इंच जमीन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की गवाही देती है।

नए उत्तर प्रदेश के संकल्प और विकास पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल इतिहास की बात नहीं की, बल्कि वर्तमान और भविष्य के 'नए उत्तर प्रदेश' की तस्वीर भी देश और प्रदेश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश अपनी पिछड़ी छवि को पीछे छोड़कर देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले अग्रणी राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा कानून व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने, बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने और किसानों के कल्याण के लिए जो ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं, उनके सकारात्मक परिणाम आज जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत और उनके सपनों का उत्तर प्रदेश बनाने के लिए हम सभी को मिलकर पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और पुरुषार्थ के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पूरे राज्य में जश्न का माहौल

स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। राजधानी लखनऊ समेत नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर और मेरठ जैसे तमाम प्रमुख शहरों में संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी पुलिस बल, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, चौराहों और ऐतिहासिक इमारतों को तिरंगे की रोशनी और फूलों से बेहद खूबसूरती से सजाया गया था। सुबह से ही स्कूलों के बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए देशभक्ति का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वतंत्रता दिवस के इस पवित्र अवसर पर यह संकल्प लें कि वे अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे और उत्तर प्रदेश तथा देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना पूर्ण योगदान देंगे।