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CM Yogi Alert : एक भी फर्जी वोटर न बचने पाए योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को दिया सख्त अल्टीमेटम

चुनाव सिर्फ भाषणों से नहीं जीते जाते, असली खेल तो वोटर लिस्ट के पन्नों में होता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) इस बात को बखूबी जानते हैं। इसीलिए, उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को एक साफ़ और सीधा संदेश दे दिया है “वोटर लिस्ट को ऐसा छान मारो कि एक भी फर्जी वोटर बचने न पाए।”हाल ही में लखनऊ में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में सीएम योगी का अंदाज एकदम सख्त और ‘टास्क मास्टर’ वाला था। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सिर्फ जोश में रहने को नहीं, बल्कि होश में रहकर जमीनी काम करने को कहा है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि सीएम योगी का यह ‘प्लान’ आखिर क्या है और यूपी की राजनीति में इसकी टाइमिंग क्यों मायने रखती है।1. “संदेह है, तो आपत्ति दर्ज कराओ”सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि विरोधी पार्टियां अक्सर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने की कोशिश करती हैं। ऐसे में बीजेपी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे ‘जासूस’ की तरह सतर्क रहें।उनका कहना है कि वोटर लिस्ट को ध्यान से चेक करें। अगर आपको कोई ऐसा नाम दिखता है जो उस पते पर रहता ही नहीं है, जिसका देहांत हो चुका है, या जो संदिग्ध लगता है, तो चुप न बैठें। तुरंत आपत्ति (Objection) दर्ज कराएं और उस फर्जी नाम को कटवाने तक चैन से न बैठें।2. एक-एक घर दस्तक देने की तैयारीचुनाव वाले दिन भागदौड़ करने से बेहतर है, अभी पसीना बहाना। सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क करें। यह सुनिश्चित करें कि हर एक असली और वैध वोटर (Valid Voter) का नाम लिस्ट में हो। ऐसा न हो कि हमारा कोई समर्थक वोट डालने जाए और पता चले उसका नाम ही गायब है।3. फॉर्म भरने में आलस न करेंप्रशासनिक प्रक्रिया अक्सर थका देने वाली होती है, लेकिन सीएम ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि ‘फॉर्म-7’ भरने से पीछे न हटें। फर्जी नाम हटवाने के लिए और नए (सही) नाम जुड़वाने के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करें। उन्होंने इसे संगठन की मजबूती का सबसे बड़ा आधार बताया।4. जीत की नींव यहीं से पड़ेगीअक्सर देखा जाता है कि चुनाव हारने के बाद पार्टियां ईवीएम (EVM) या वोटर लिस्ट को दोष देती हैं। योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि बीजेपी ऐसी नौबत आने ही न दे। उनका मंत्र साफ़ है अगर आपकी वोटर लिस्ट शुद्ध है और बोगस वोटर्स बाहर हैं, तो आधी लड़ाई तो आप चुनाव से पहले ही जीत चुके हैं।5. निकाय और आगामी चुनावों पर नजरयूपी में शहरी निकाय से लेकर सहकारी संस्थाओं तक, हर स्तर पर चुनाव की हलचल रहती है और नजरें 2027 के विधानसभा चुनाव पर भी हैं। सीएम योगी का यह फरमान बताता है कि बीजेपी अब ‘इलेक्शन मोड’ में आ चुकी है। वे जानते हैं कि बूथ लेवल पर मजबूत पकड़ ही लखनऊ की सत्ता की चाभी है।