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News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट जगत में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन (Laxman Sivaramakrishnan) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक कर्मचारी पर उनके करियर में बाधा डालने और अवसर छीनने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय के लिए चर्चा में रहने वाले शिवरामकृष्णन ने इस बार सीधे तौर पर बीसीसीआई के प्रशासनिक ढांचे के भीतर की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी नाराजगी बोर्ड सचिव जय शाह (Jay Shah) से नहीं, बल्कि एक विशिष्ट स्टाफ सदस्य से है।करियर में रुकावट: शिवरामकृष्णन का छलका दर्दशिवरामकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए अपने मन की बात साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीआई के एक प्रभावशाली कर्मचारी ने जानबूझकर उन्हें कमेंट्री पैनल और अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाओं से दूर रखा। उन्होंने लिखा, “मेरे करियर की बाधा जय शाह नहीं हैं। यह बीसीसीआई के भीतर बैठा एक कर्मचारी है जो अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहा है। उस व्यक्ति ने सुनिश्चित किया कि मुझे वे मौके न मिलें जिसका मैं हकदार था।”कमेंट्री पैनल से बाहर होने पर उठाए सवाललक्ष्मण शिवरामकृष्णन, जो अपनी सटीक और गहरी क्रिकेट समझ के लिए जाने जाते हैं, पिछले कुछ समय से बड़े टूर्नामेंट्स की कमेंट्री से गायब हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनके चयन न होने के पीछे कोई तकनीकी कारण नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश और बोर्ड के अंदरूनी समीकरण थे। पूर्व स्पिनर ने यह भी दावा किया कि उनके जैसे अनुभवी खिलाड़ी को दरकिनार करना भारतीय क्रिकेट के प्रसारण (Broadcasting) की गुणवत्ता के लिए भी नुकसानदेह है।अश्विन विवाद और शिवरामकृष्णन की छविबता दें कि शिवरामकृष्णन हाल ही में रविचंद्रन अश्विन के साथ अपने मतभेदों को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। हालांकि, उन्होंने इस बार अपनी लड़ाई को प्रशासनिक स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। शिवरामकृष्णन का मानना है कि बोर्ड के सचिव जय शाह क्रिकेट के विकास के लिए काफी काम कर रहे हैं, लेकिन उनके नीचे काम करने वाले कुछ लोग अपनी मर्जी चला रहे हैं और पूर्व खिलाड़ियों के साथ अन्याय कर रहे हैं।बीसीसीआई की प्रतिक्रिया का इंतजारशिवरामकृष्णन के इन आरोपों ने बीसीसीआई के गलियारों में खलबली मचा दी है। अभी तक बोर्ड की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि शिवरामकृष्णन जैसे सम्मानित खिलाड़ी इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, तो बोर्ड को इसकी आंतरिक जांच करानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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