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Kanpur Convention Centre: कानपुर में ₹96.10 करोड़ की लागत से बना पहला इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, लेदर और टेक्सटाइल हब को मिला नया मंच; जानिए खासियतें

उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी और कभी 'पूरब का मैनचेस्टर' कहे जाने वाले कानपुर के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। शहर में विश्वस्तरीय व्यापारिक सम्मेलनों, ग्लोबल एक्सपो और औद्योगिक प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए ₹96.10 करोड़ की लागत से पहला भव्य और अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। कानपुर नगर निगम और राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के ऐतिहासिक लेदर (चमड़ा), टेक्सटाइल (वस्त्र), होजरी, केमिकल और इंजीनियरिंग उद्योगों को अपने उत्पादों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए एक आधुनिक वैश्विक मंच प्रदान करना है। अब तक शहर में बड़े कन्वेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में कानपुर के निर्यातकों और उद्योगपतियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (Buyers) से मिलने के लिए दिल्ली, ग्रेटर नोएडा या मुंबई का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस सेंटर के शुरू होने से यह अड़चन हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।

गुजरात मॉडल पर आधारित डिजाइन: जानिए कन्वेंशन सेंटर की अत्याधुनिक खासियतें

कानपुर का यह कन्वेंशन सेंटर आधुनिक वास्तुकला, सुरक्षा मानकों और ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:

  • विशाल प्रदर्शनी हॉल्स (Exhibition Halls): कन्वेंशन सेंटर में दो बड़े अत्याधुनिक प्रदर्शनी हॉल बनाए गए हैं, जिनमें से एक हॉल 16,000 वर्ग फुट और दूसरा हॉल 12,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है। यहां एक साथ सैकड़ों स्टॉल लगाकर बड़े व्यापार मेले और ट्रेड एक्सपो आयोजित किए जा सकते हैं।

  • 300 सीटर ऑडिटोरियम व कॉन्फ्रेंस हॉल: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार और कॉर्पोरेट सम्मेलनों के लिए 300 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक से लैस मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल तैयार किया गया है।

  • मीटिंग व बोर्ड रूम्स: बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों और निजी व्यापारिक वार्ताओं के लिए 100-100 सीटों की क्षमता वाले तीन अलग-अलग मीटिंग रूम्स की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

  • अतिथियों के लिए ठहरने की व्यवस्था: देश-विदेश से आने वाले व्यापारियों, निवेशकों और वीआईपी मेहमानों के लिए परिसर के भीतर ही 6 डीलक्स गेस्ट रूम और 2 लग्जरी सुइट्स बनाए गए हैं।

  • फूड कोर्ट और डायनिंग स्पेस: लगभग 8,000 वर्ग फुट का एक विशाल फूड कोर्ट तैयार किया गया है, जहां कार्यक्रमों के दौरान 1,000 से अधिक लोग एक साथ खान-पान का आनंद ले सकते हैं।

  • मल्टी-लेवल पार्किंग व सुरक्षा: परिसर में वाहनों के सुगम आवागमन के लिए व्यवस्थित पार्किंग, चौड़े रास्ते, हाई-टेक सीसीटीवी सर्विलांस और अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित किया गया है।

लेदर और टेक्सटाइल हब को कैसे मिलेगा नया जीवन?

कानपुर देश भर में चमड़े के जूते, काठी (Saddlery), लेदर गारमेंट्स और टेक्सटाइल फैब्रिक के सबसे बड़े निर्यात केंद्रों में से एक है। हालिया वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक मंदी और लॉजिस्टिक्स संकट के बावजूद अकेले कानपुर से हर साल लगभग ₹6,000 करोड़ का लेदर और ₹850 करोड़ से अधिक का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट होता है।

इस नए कन्वेंशन सेंटर के शुरू होने से स्थानीय एमएसएमई (MSME) सेक्टर को निम्नलिखित सीधे फायदे मिलेंगे:

  • ग्लोबल बायर्स से सीधा संवाद: अब तक विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के खरीदारों को कानपुर की संकरी गलियों या अलग-अलग फैक्ट्रियों में जाना पड़ता था। अब एक ही छत के नीचे लेदर और टेक्सटाइल फेयर आयोजित हो सकेंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों और निर्माताओं को सीधे बड़े ऑर्डर मिलेंगे।

  • मेगा लेदर क्लस्टर को रफ्तार: रमईपुर में विकसित हो रहे मेगा लेदर पार्क के साथ यह कन्वेंशन सेंटर जुड़कर कानपुर के एक्सपोर्ट नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

  • ब्रांड कानपुर की री-ब्रांडिंग: कानपुर केवल प्रदूषण या पुरानी मिलों का शहर नहीं, बल्कि हाई-एंड टेक्नोलॉजी, डिफेंस इक्विपमेंट्स और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है। यह सेंटर शहर की औद्योगिक साख को नए आयाम देगा।

आईआईएम इंदौर (IIM Indore) के मैनुअल से होगा सेंटर का संचालन

परियोजना की दीर्घकालिक सफलता और पारदर्शी रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए कानपुर नगर निगम ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर (IIM Indore) के साथ मिलकर एक विस्तृत संचालन रणनीति (Strategic Operational Manual) तैयार कराई है। इस मॉडल के तहत कन्वेंशन सेंटर का प्रबंधन पेशेवर इवेंट मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि यह आत्मनिर्भर राजस्व उत्पन्न करने वाला मॉडल बन सके और सरकारी खजाने पर इसका बोझ न पड़े।

रोजगार सृजन और शहर की अर्थव्यवस्था को नया संबल

व्यापार मेलों और औद्योगिक सम्मेलनों के नियमित आयोजन से कानपुर के हॉस्पिटैलिटी, होटल इंडस्ट्री, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट और लोकल रिटेल सेक्टर को भारी बूस्ट मिलेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के चलते शहर में कैटरिंग, फैब्रिकेशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में हजारों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन में कानपुर का यह 96 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर एक प्रमुख उत्प्रेरक (Catalyst) साबित होने जा रहा है।