
News India Live, Digital Desk : तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK के बीच के समीकरणों पर तंज कसते हुए उन्हें राज्य के विकास में बाधक बताया है।1. भाजपा पर ‘नफरत फैलाने’ का गंभीर आरोपस्टालिन ने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए भाजपा की विचारधारा पर कड़ा प्रहार किया:हिंसा और अभद्र भाषा: मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा केवल उन मुद्दों को बढ़ावा देती है जो समाज में विभाजन पैदा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नेता अक्सर ‘हेट स्पीच’ (Hate Speech) और हिंसा को उकसाने वाले बयानों का सहारा लेते हैं।सांप्रदायिक सौहार्द: स्टालिन ने दावा किया कि तमिलनाडु की ‘द्रविड़ियन मॉडल’ सरकार शांति और सद्भाव में विश्वास करती है, जिसे भाजपा बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।2. NDA-AIADMK गठबंधन को बताया ‘कॉमेडी’एआईएडीएमके (AIADMK) और एनडीए (NDA) के बीच चल रही खींचतान और गठबंधन की खबरों पर स्टालिन ने चुटकी ली:गठबंधन या नाटक?: उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों का साथ आना किसी ‘कॉमेडी शो’ से कम नहीं है। कभी ये अलग होने का दावा करते हैं और कभी गुप्त रूप से हाथ मिला लेते हैं।अस्थिरता: स्टालिन के अनुसार, इस गठबंधन के पास न तो कोई ठोस नीति है और न ही तमिलनाडु के भविष्य के लिए कोई विजन। ये केवल सत्ता हथियाने के लिए एक साथ आ रहे हैं।3. ‘द्रविड़ियन मॉडल’ बनाम ‘दिल्ली मॉडल’मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु की जनता दिल्ली से संचालित होने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।राज्य के अधिकार: उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्यों के अधिकारों के हनन और भाषाई थोपने (हिंदी थोपने) का भी आरोप लगाया।विकास का दावा: स्टालिन ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि तमिलनाडु आज शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है।4. आगामी चुनाव की चुनौती2026 के विधानसभा चुनावों और लोकसभा की तैयारियों के बीच स्टालिन का यह बयान बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।DMK की रणनीति: स्टालिन अल्पसंख्यकों और पिछड़ों के वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।विपक्ष का पलटवार: भाजपा और AIADMK ने स्टालिन के आरोपों को निराधार बताया है और सरकार पर भ्रष्टाचार और विफलता के आरोप लगाए हैं।
UK News