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Navratri Day 4 : मां कुष्मांडा को बेहद प्रिय है मालपुआ का भोग, घर पर इस आसान विधि से बनाएं नरम और रसीला प्रसाद

News India Live, Digital Desk : चैत्र नवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर आज चौथे दिन आदिस्वरूपा मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा को मालपुआ का भोग अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है कि इस दिन मां को मालपुआ अर्पित करने से बुद्धि का विकास होता है और निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है। अगर आप भी इस शुभ अवसर पर माता रानी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो बाजार से लाने के बजाय घर पर ही शुद्ध और सात्विक तरीके से मालपुआ तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान स्टेप-बाय-स्टेप विधि।मालपुआ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री मां के भोग के लिए मालपुआ बनाने हेतु आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होगी। इसके लिए 1 कप गेहूं का आटा (या मैदा), आधा कप सूजी (रवा), आधा कप कद्दूकस किया हुआ खोया (मावा), 1 कप दूध (घोल बनाने के लिए), आधा कप चीनी, इलायची पाउडर, थोड़े से कटे हुए ड्राई फ्रूट्स (बादाम और पिस्ता) और तलने के लिए शुद्ध देसी घी की आवश्यकता पड़ेगी। चाशनी के लिए अलग से 1 कप चीनी और आधा कप पानी तैयार रखें।घोल तैयार करने का सही तरीका सबसे पहले एक बड़े बर्तन में आटा, सूजी और कद्दूकस किया हुआ मावा मिला लें। अब इसमें धीरे-धीरे दूध डालते हुए एक गाढ़ा और चिकना घोल तैयार करें। ध्यान रहे कि घोल में गुठलियां (Lumps) न पड़ें। इस मिश्रण में थोड़ा सा सौंफ का पाउडर और इलायची पाउडर डालें, इससे मालपुए का स्वाद दोगुना हो जाता है। तैयार घोल को कम से कम 30 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए।चाशनी और तलने की प्रक्रिया एक अलग पैन में चीनी और पानी डालकर एक तार की चाशनी तैयार करें। इसमें थोड़ी सी केसर की पत्तियां भी डाल सकते हैं। अब एक चौड़ी कड़ाही में देसी घी गरम करें। एक बड़े चम्मच की मदद से घोल को घी के बीच में डालें। मालपुआ अपने आप आकार ले लेगा। इसे मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा भूरा (Golden Brown) होने तक तलें। तलने के बाद इसे सीधे गुनगुनी चाशनी में डाल दें और 2-3 मिनट तक डूबा रहने दें।मां कुष्मांडा को ऐसे लगाएं भोग चाशनी से निकालकर मालपुओं को एक सुंदर थाली में सजाएं। ऊपर से बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता की कतरन डालें। मां कुष्मांडा की पूजा के बाद, इस गरमा-गरम और रसीले मालपुए का भोग लगाएं। याद रखें कि माता रानी को शुद्धता और श्रद्धा से बनाई गई चीजें बेहद प्रिय हैं। इस विधि से बने मालपुए न केवल नरम होंगे, बल्कि इनका स्वाद भी हर किसी का मन मोह लेगा।