News India Live, Digital Desk: चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन आदि शक्ति के ‘स्कंदमाता’ स्वरूप की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाने से ज्ञान, बुद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है। यदि आप भी आज मां को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास बनाना चाहते हैं, तो ‘केले का हलवा’ एक बेहतरीन विकल्प है। यह न केवल शुद्ध और सात्विक है, बल्कि उपवास (Vrat) के दौरान ऊर्जा का भी एक बड़ा स्रोत है। आइए जानते हैं इसे बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी।आवश्यक सामग्री (Ingredients):पके हुए केले: 4-5 (अच्छे से मैश किए हुए)शुद्ध देसी घी: 3-4 बड़े चम्मचचीनी या गुड़ का पाउडर: आधा कप (स्वादानुसार)इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मचबारीक कटे मेवे: काजू, बादाम और पिस्ता (2 चम्मच)केसर के धागे: एक चुटकी (दूध में भिगोए हुए – वैकल्पिक)बनाने की विधि (Easy Recipe):केलों को तैयार करें: सबसे पहले पके हुए केलों को छीलकर एक कटोरे में निकाल लें और कांटे (Fork) की मदद से इन्हें अच्छी तरह मैश कर लें। ध्यान रहे कि इसमें बड़े टुकड़े न रहें।घी गरम करें: एक भारी तले वाली कड़ाही में देसी घी डालें। जब घी पिघल जाए, तो इसमें बारीक कटे हुए मेवे डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें और एक प्लेट में निकाल लें।केले को भूनें: अब उसी बचे हुए घी में मैश किए हुए केले डालें। मध्यम आंच पर इसे तब तक चलाएं जब तक कि केले का रंग हल्का भूरा न हो जाए और घी किनारों से अलग न होने लगे।मिठास घोलें: जब केले अच्छे से भून जाएं, तो इसमें चीनी या गुड़ का पाउडर मिलाएं। इसे तब तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए और हलवा कड़ाही छोड़ने लगे।स्वाद बढ़ाएं: अंत में इसमें इलायची पाउडर, केसर वाला दूध और भुने हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाएं। 1-2 मिनट और पकाकर गैस बंद कर दें।मां को अर्पण करने का सही तरीकातैयार गरम-गरम केले के हलवे को एक साफ पीतल या चांदी के पात्र में निकालें। ऊपर से थोड़े और मेवे सजाएं और तुलसी का पत्ता रखकर मां स्कंदमाता को इसका भोग लगाएं। पूजा के बाद इस प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटें। यह हलवा खाने में जितना स्वादिष्ट है, सेहत के लिए उतना ही पौष्टिक भी है।?
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