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Navratri Special : मां चंद्रघंटा को लगाएं मखाने की खीर का भोग, जानें घर पर बनाने की सबसे आसान और शुद्ध विधि

News India Live, Digital Desk: चैत्र नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन आज भक्त मां दुर्गा के ‘चंद्रघंटा’ स्वरूप की आराधना कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी मिठाइयां अत्यंत प्रिय हैं। यदि आप भी आज मां को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास बनाना चाहते हैं, तो ‘मखाने की खीर’ (Makhana Kheer) एक उत्तम और सात्विक विकल्प है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि व्रत के दौरान आपको दिनभर ऊर्जावान भी रखती है। आइए जानते हैं इसे बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि:जरूरी सामग्री (Ingredients)मखाना: 2 कप (फूले हुए और साफ किए हुए)दूध: 1 लीटर (फुल क्रीम)चीनी/मिश्री: आधा कप (स्वादानुसार)घी: 2 बड़े चम्मचमेवे: काजू, बादाम और पिस्ता (बारीक कटे हुए)इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मचकेसर: 7-8 धागे (दूध में भीगे हुए)बनाने की विधि: स्टेप-बाय-स्टेप (Step-by-Step Guide)1. मखानों को भूनें: सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में 2 चम्मच घी गर्म करें। इसमें मखानों को डालकर मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक वे कुरकुरे (Crunchy) न हो जाएं। ध्यान रखें कि मखाने जलने न पाएं।2. मखानों को दरदरा पीसें: भुने हुए मखानों में से एक मुट्ठी मखाने अलग निकाल लें। बाकी बचे मखानों को मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें या हाथों से तोड़ लें। इससे खीर गाढ़ी और मलाईदार बनती है।3. दूध को उबालें: एक गहरे बर्तन में 1 लीटर दूध गर्म करें। जब दूध में उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें और इसे 10-12 मिनट तक पकने दें ताकि दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए।4. मखाने और मेवे मिलाएं: अब उबलते हुए दूध में दरदरे पिसे हुए और साबुत मखाने डाल दें। इसके साथ ही कटे हुए काजू और बादाम भी मिला दें। इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक मखाने पूरी तरह नरम न हो जाएं और दूध आधा न रह जाए।5. मिठास और खुशबू: खीर के गाढ़ा होने पर इसमें चीनी या धागे वाली मिश्री डालें। साथ ही केसर वाला दूध और इलायची पाउडर मिला दें। इसे 2-3 मिनट और पकाएं और फिर गैस बंद कर दें।मां चंद्रघंटा को भोग लगाने का नियमखीर तैयार होने के बाद इसे थोड़ा ठंडा होने दें। एक शुद्ध चांदी या पीतल के पात्र में खीर निकालकर ऊपर से थोड़े पिस्ता और गुलाब की पंखुड़ियां सजाएं। मां चंद्रघंटा के मंत्र ‘ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः’ का जाप करते हुए उन्हें भोग लगाएं। माना जाता है कि इस भोग से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।