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नई दिल्ली। देश को नशे की जकड़न से आजाद कराने के लिए केंद्र सरकार ने 10 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। PM Nasha Mukti Yojana के तहत अब केवल भाषणों से नहीं, बल्कि आधुनिक इलाज, पेशेवर काउंसलिंग और ठोस सामाजिक सहायता के जरिए नशे के खिलाफ जंग लड़ी जाएगी। इस नई पहल का सबसे बड़ा फोकस उन युवाओं पर है, जो भटक कर गलत रास्तों पर चले गए हैं। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—नशा मुक्त भारत और सशक्त युवा।PM Nasha Mukti Abhiyan 2026: नशा मुक्ति केंद्रों का होगा कायाकल्पPM Nasha Mukti Abhiyan 2026 के तहत सरकार ने अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है। अब देश के हर जिले में हाई-टेक नशा मुक्ति केंद्रों (Rehab Centers) की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस नए प्लान में न केवल आधुनिक मेडिकल सुविधाएं दी जाएंगी, बल्कि अनुभवी मनोवैज्ञानिकों और प्रशिक्षित काउंसलर्स की एक विशाल फौज तैनात की जाएगी। स्कूलों, कॉलेजों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में डिजिटल और जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर नशे के घातक दुष्प्रभावों से नई पीढ़ी को आगाह किया जाएगा।मुफ्त इलाज और काउंसलिंग से टूटेगी नशे की जंजीरNasha Mukti Treatment and Counselling Scheme उन परिवारों के लिए एक मसीहा बनकर आई है, जो भारी खर्च के डर से अपने प्रियजनों का इलाज नहीं करा पाते थे। इस योजना के तहत नशा पीड़ितों को पूरी तरह मुफ्त या बेहद मामूली खर्च पर इलाज मुहैया कराया जाएगा।सरकार का मानना है कि नशा केवल एक शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि एक मानसिक चुनौती है। इसलिए, इसमें दवाओं के साथ-साथ ‘फैमिली काउंसलिंग’ और ‘रीहैबिलिटेशन प्रोग्राम’ को अनिवार्य बनाया गया है। इससे पीड़ित व्यक्ति को समाज में फिर से सिर उठाकर जीने का हौसला मिलेगा।नशा छोड़ने पर मिलेगा रोजगार का सुनहरा मौकाPM Nasha Mukti Yojana Benefits 2026 की सबसे क्रांतिकारी बात यह है कि सरकार नशा छोड़ने वाले लोगों को लावारिस नहीं छोड़ेगी। जो लोग इस लत से बाहर आएंगे, उन्हें सरकार की विभिन्न ‘स्किल डेवलपमेंट’ योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्हें न केवल हुनर सिखाया जाएगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी ताकि वे दोबारा इस दलदल में न गिरें। मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों के लिए यह योजना एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है।एक बेहतर और नशा मुक्त समाज का निर्माणविशेषज्ञों के अनुसार, PM Nasha Mukti Yojana केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। जब युवा नशे से दूर रहेंगे, तभी देश की अर्थव्यवस्था और परिवार की खुशहाली सुनिश्चित होगी। 10 फरवरी के इस बड़े ऐलान ने लाखों परिवारों को यह विश्वास दिलाया है कि अब उनका भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
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