
प्रकृति के रहस्य हमेशा इंसानी कल्पना को हैरान करते रहे हैं। आमतौर पर जब हम किसी जहरीले सांप के बारे में सोचते हैं, तो दिमाग में कोबरा, करैत या वाइपर जैसी प्रजातियां आती हैं, जिनके दांतों (Fangs) और ग्रंथियों में प्राकृतिक रूप से जानलेवा जहर बनता है। लेकिन पूर्वी एशिया के जंगलों में एक ऐसा अनोखा और अविश्वसनीय सांप पाया जाता है जो खुद जहरीला होने के बजाय दूसरे जीवों से जहर "चुराता" है। इस सांप का नाम है 'टाइगर कीलबैक' (Tiger Keelback), जिसका वैज्ञानिक नाम Rhabdophis tigrinus है। यह प्रजाति मेंढकों और टोड्स को खाकर उनके शरीर में मौजूद खतरनाक जहर को अपने शरीर में सुरक्षित जमा कर लेती है और फिर उसी जहर का इस्तेमाल खुद को शिकारियों से बचाने के लिए करती है।
मेंढकों से कैसे जहर चुराता है यह अनोखा सांप?
टाइगर कीलबैक मुख्य रूप से जापान, चीन, कोरिया और पूर्वी रूस के नम जंगलों व धान के खेतों में पाया जाता है। इसका मुख्य भोजन जहरीले टोड्स (Toads / मेंढक) होते हैं। इन मेंढकों की त्वचा में 'बुफाडाइनोलाइड्स' (Bufadienolides) नामक कार्डियक टॉक्सिन (दिल को प्रभावित करने वाला जहर) होता है, जो कई जानवरों के लिए जानलेवा साबित होता है।
अधिकांश जीव इन जहरीले मेंढकों को खाने से बचते हैं, लेकिन टाइगर कीलबैक के शरीर में इस जहर के खिलाफ प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) होती है। जब यह सांप इन मेंढकों को निगलता है, तो उसका पाचन तंत्र इस टॉक्सिन को नष्ट नहीं करता, बल्कि खून के जरिए अवशोषित करके उसकी गर्दन के पीछे मौजूद विशेष ग्रंथियों—जिन्हें 'न्यूकल ग्लैंड्स' (Nuchal Glands)—कहा जाता है, वहां सुरक्षित रूप से जमा कर देता है।
हमले के समय गर्दन से निकलता है चुराया हुआ जहर
जब भी कोई शिकारी पक्षी, नेवला या अन्य जानवर टाइगर कीलबैक पर हमला करता है, तो यह सांप भागने के बजाय अपनी गर्दन को मोड़कर शिकारी के सामने कर देता है। जैसे ही शिकारी उसकी गर्दन पर वार करता है, उन न्यूकल ग्रंथियों पर दबाव पड़ता है और वहां से गाढ़ा जहरीला तरल सीधे शिकारी के मुंह या आंखों में चला जाता है। यह जहर शिकारी के दिल की धड़कन को अनियंत्रित कर देता है और तेज जलन पैदा करता है, जिससे शिकारी तुरंत पीछे हट जाता है।
वेनमस और पॉइजनस: दोनों खूबियों वाला इकलौता जीव
जीव विज्ञान में 'वेनमस' (Venomous – जो काटने पर डंक या दांत से जहर डाले) और 'पॉइजनस' (Poisonous – जिसे छूने या खाने पर जहर फैले) में स्पष्ट अंतर होता है। टाइगर कीलबैक दुनिया के उन बेहद दुर्लभ जीवों में से एक है जो एक साथ दोनों है। इसके पिछले जबड़े में डुवर्नॉय ग्लैंड (Duvernoy's gland) होती है जिससे यह काटने पर शिकार में हल्का वेनम छोड़ता है, वहीं इसकी गर्दन की ग्रंथियों में मेंढकों से चुराया गया पॉइजन होता है।
मां से बच्चों तक पहुंचता है चुराया हुआ सुरक्षा कवच
वैज्ञानिक शोधों में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जब मादा टाइगर कीलबैक भरपूर मात्रा में जहरीले मेंढक खाती है, तो वह यह टॉक्सिन अपने अंडों की जर्दी में भी स्थानांतरित कर देती है। इसका परिणाम यह होता है कि अंडों से निकलने वाले नवजात बच्चे जन्म के पहले दिन से ही जहरीले और सुरक्षित होते हैं, भले ही उन्होंने अभी तक एक भी मेंढक का शिकार न किया हो।
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