
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश और बिहार के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवारों के बीच ‘सब कुछ ठीक है’ का दावा अब कमज़ोर पड़ता दिख रहा है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के बीच की दोस्ती अब कड़वाहट में बदलती नज़र आ रही है। हाल ही में तेज प्रताप द्वारा अखिलेश का नंबर ब्लॉक करने की खबर के बाद, अब उन्होंने सीधे अखिलेश की चुनावी फंडिंग और खर्चों पर सवाल उठाकर राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।दोस्ती से ‘ब्लॉक’ तक का सफर: क्यों बिगड़े रिश्ते?कभी वीडियो कॉल पर घंटों बात करने वाले ये दोनों नेता अब एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहा रहे हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान पटना पहुंचे थे। तेज प्रताप का आरोप है कि उन्होंने अखिलेश को कई बार फोन किया और मैसेज भेजे, लेकिन सपा अध्यक्ष ने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया।अपमान का आरोप: तेज प्रताप ने दावा किया कि उनके द्वारा भेजे गए लोगों से भी अखिलेश नहीं मिले।सोशल मीडिया पर एक्शन: इसी नाराजगी में तेज प्रताप ने न केवल अखिलेश का नंबर ब्लॉक किया, बल्कि उन्हें अनफॉलो भी कर दिया।पैसों को लेकर पूछा चुभता हुआ सवालताजा विवाद तब और गहरा गया जब तेज प्रताप ने अखिलेश यादव की चुनावी तैयारियों और पार्टी के खर्चों पर निशाना साधा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल किया कि आखिर चुनाव लड़ने और रैलियों के आयोजन के लिए “इतना पैसा कहां से आता है?”। राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह सीधा हमला अखिलेश यादव की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करने की कोशिश है, खासकर तब जब तेज प्रताप खुद अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (JJD) को स्थापित करने में जुटे हैं।तेज प्रताप की नई पार्टी और ‘किंग मेकर’ बनने की चाहतआरजेडी और लालू परिवार से दूरी बनाने के बाद, तेज प्रताप अब अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) के जरिए बिहार चुनाव 2026-27 में ‘किंग मेकर’ बनने का सपना देख रहे हैं।बिहार इकाई भंग: हाल ही में उन्होंने JJD की बिहार इकाई को भंग कर दिया है।नई ऊर्जा: 1 फरवरी 2026 को होने वाली कार्यकारिणी बैठक में वे किसी बड़े धमाके की तैयारी में हैं।गठबंधन की राजनीति: उन्होंने कई छोटे दलों के साथ मिलकर एक नया मोर्चा भी तैयार किया है।अखिलेश का पलटवार: “कहां से लड़ोगे चुनाव?”दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने इस विवाद पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। पहले एक बातचीत के दौरान उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में तेज प्रताप से पूछा था कि “अब कहां से चुनाव लड़ोगे?”। हालांकि, अब जब बात पैसों और फंडिंग तक पहुंच गई है, तो समाजवादी पार्टी के खेमे में भी बेचैनी देखी जा रही है। यूपी के सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या यह केवल व्यक्तिगत नाराजगी है या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक साजिश।
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