
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों का बिगुल बजने से पहले सरकार ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कमर कस ली है। गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और विकास योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने के लिए ग्राम प्रधानों को ‘विलेज वॉरियर्स’ के रूप में नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस कदम का उद्देश्य न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना है, बल्कि चुनावी माहौल से पहले गांवों में विकास की लहर को तेज करना भी है।अब ‘शक्तिशाली’ होंगे ग्राम प्रधान: ये हैं नई जिम्मेदारियांसरकार ने पंचायत राज व्यवस्था के तहत प्रधानों के अधिकारों और कर्तव्यों में विस्तार किया है:योजनाओं की सीधी निगरानी: अब गांव में होने वाले हर निर्माण कार्य (सड़क, नाली, खड़ंजा) की गुणवत्ता की पहली जवाबदेही ग्राम प्रधान की होगी।डिजिटल पंचायत: ग्राम सचिवालयों को सक्रिय करने और ग्रामीणों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र (जन्म-मृत्यु, आय आदि) दिलाने में प्रधानों को ‘वारियर’ की तरह काम करना होगा।स्वच्छता और जल प्रबंधन: ‘हर घर जल’ और ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत गांव के हर कोने तक सफाई और पानी की पहुँच सुनिश्चित करना अब प्रधान की प्राथमिकता होगी।चुनावी समीकरण: ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूकपंचायत चुनाव से पहले ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का अभियान भी तेज कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में चौपाल लगाकर विकास कार्यों का सोशल ऑडिट करें। इससे:पारदर्शिता बढ़ेगी: जनता को पता चलेगा कि उनके गांव के लिए कितना फंड आया और कहां खर्च हुआ।जवाबदेही तय होगी: प्रधानों और पंचायत सचिवों को अब हर पाई का हिसाब जनता के बीच देना होगा।अधिकारियों को सख्त निर्देश: ‘वारियर्स’ के काम में न हो बाधायोगी सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण विकास में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी ग्राम प्रधानों के साथ तालमेल बिठाने में विफल रहता है या फाइलों को अटकाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पंचायत चुनाव 2026: एक नज़र मेंपदों की संख्या: ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, और जिला पंचायत सदस्य।मुख्य फोकस: भ्रष्टाचार मुक्त विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी।महत्व: यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है।
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