गंगा- ब्रह्मपुत्र में चलेगी नौक तो खतरे में पड़ेगा डॉल्फिन का अस्तित्व
देहरादून : गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी में बड़ी-बड़ी नौकाएं चलाने से डॉल्फिन का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। भारतीय वन्यजीव संस्थान की वार्षिक शोध संगोष्ठी में वरिष्ठ वैज्ञानिक कमर कुरैशी ने इससे जुड़े शोध कार्य को प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी।
वरिष्ठ वैज्ञानिक कमर कुरैशी के मुताबिक सरकार की इन दोनों नदियों में पांच से 10 साल की अवधि में बड़े पैमाने पर नौकाएं चलाने की योजना है। इससे डॉल्फिन पर पड़ने वाले असर और संरक्षण को लेकर ही यह शोध किया जा रहा है। जब गंगा और ब्रह्मपुत्र में बड़े स्तर पर नौकाएं चलाई जाएंगी तो कई स्थानों पर नदी की गहराई बढ़ाने के लिए खुदाई भी की जाएगी।
यह स्थिति निश्चित तौर पर डॉल्फिन के लिए परेशानी का सबब बनेगी। इसके साथ ही शोध में डॉल्फिन की बहुतायात वाले स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है। डॉल्फिन को लेकर संरक्षण की राह इसलिए भी तलाशी जानी अनिवार्य है कि करीब 10-15 साल पहले इन दोनों नदियों में डॉल्फिन की जो संख्या चार हजार के करीब थी, वह सिमटकर 2200 के आसपास रह गई है।