जागरण संवादी में बोले योगी आदित्यनाथ- असहिष्णुता कहने वाले खुद को भारत का नहीं मानते
लखनऊ दैनिक जागरण के कला, संस्कृति व साहित्य को एक मंच पर लाने के उत्सव संवादी में आज तीसरे तथा अंतिम दिन के मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म पर चर्चा की। भारतेंदु नाट्य अकादमी में आज पहले सत्र में दिन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दैनिक जागरण के कार्यकारी संपादक प्रशांत मिश्र ने चर्चा की। संवादी के अंतिम दिवस का प्रथम सत्र काफी भीड़ वाला रहा।
धर्म क्या है पहला सवाल था। जिसके जवाब में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म को उपासना से जोड़ते हैं तो धर्म की व्यापकता कम होती है। धर्म इससे बड़ा है। धर्म पर समाज और व्यक्ति का जीवन टिका है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म मत और मजहब से नहीं जुड़ा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म ही वास्तविक धर्म है। बाकी मत हैं। प्रश्न धर्म के दर्शन पर कर्मकांड हावी हैं। धर्म को व्यापकता से देखिए। धर्म निरपेक्ष कुछ नहीं। ये पंथ निरपेक्ष है। धर्म के व्यापक स्वरूप को लेना होगा। धर्म निरपेक्ष शब्द आजादी के बाद सबसे बड़ा झूठ है। सबको अपना धर्म पालन करना होता है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर उपासना विधि पर भेद हैं। हम किसी पर आस्था नहीं थोप सकते हैं। मैं तिलक को वैज्ञानिक मानता हूँ। हमारे मध्य भाग में तिलक ऊर्जा का केंद्र है। ये सही दिशा में ऊर्जा के उपयोग के लिए तिलक लगाते हैं। इसको पाखंड नहीं कह सकते हैं। उसी बहाने समाज के जीवन को जोड़ा हुआ है। हम ये कहे कि इसका वैज्ञानिक आधार नहीं ये गलत होगा। वाद पित्त और कफ से से बचने के लिए रक्षा सूत्र बंधा जाता है। धर्म को सम्प्रदाय से जोडएंगे तो भृम होगा। मनुष्य का एंटीना चोटी है। जो तुलसी का पौधा लगयेगा काढा पियेगा उसको डेंगू नहीं होगा। मनुष्य का एंटीना चोटी है।
सवाल : आपको नहीं लगता है धर्म का दिखावा बढ़ रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये आदि धर्म है इसमें कट्टरता नहीं होता है। मगर थप्पड़ का जवाब तो देना होगा। समाजपुरुषार्थी हो कायर नहीं। भगवान राम ने भी युद्ध टालने की कोशिश की। कृष्ण भी महाभारत नहीं चाहते थे। मगर दोनों को अस्त्र उठाना पड़ा था। इसी तरह से अति होने पर शस्त्र उठाना पड़ता है। उदारता दुष्टों के साथ नहीं होता है। वे शांति से नहीं मानेंगे। सवाल पीठ और सरकार में संतुलन कैसे बैठाते हैं। दोनों लोक कल्याण के लिए हजन। उद्देश्यों में फर्क नहीं है। इसलिए दिक्कत नही है। सरकार में लोगों की मदद होती है। आचार्य बन कर भी लोक कल्याण होता है। धर्म और राजनीति एक दूसरे के पूरक हैं।
सवाल : देश में असहिष्णुता पर आपकी राय क्या है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो बुद्धि को बेच कर उसका बाजारीकरण करते हैं। वो असहिष्णुता की बात करते हैं।