बच्चों की वैक्सीन किस तरह असरदार है

नई दिल्ली। COVID-19 से मुकाबला करने के लिए भारत सरकार ने बच्चों के लिए तैयार वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। हालांकि कई पश्चिमी और यूरोपीय देशों ने बच्चों का टीकाकरण अभियान मई में ही शुरू कर दिया था। संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइज़र की वैक्सीन दी जा रही है। भारत में भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू होने वाला है। बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने से पैरेंट्स के मन में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब उन्हें देना जरूरी है। आइए जानते हैं कि पैरेंट्स अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाने से क्यों हिचकिचा रहे है? जानते हैं कि वैक्सीन के बच्चों पर कौन-कौन से साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
पैरेंट्स बच्चों को वैक्सीन लगवाने में क्यों हिचकिचा रहे हैं?
जब भी COVID-19 के खिलाफ वैक्सीन लगवाने की बात आती है, तो कुछ पैरेंट्स हिचकिचाने लगते हैं। पैरेंट्स के पास ज्ञान का अभाव होने के कारण वो इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग करने के लिए तैयार वैक्सीन को लगवाने से हिचकिचा रहे हैं। उन्हें लगता है कि वैक्सीन लगवाने से उनका बच्चा कई तरह के रसायनों के संपर्क में आ जाएगा जो उनके बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ पैरेंट्स धार्मिक कारणों की वजह से तो कुछ वैक्सीन के उनके बच्चे की सेहत पर लम्बे समय तक असर होने के खौफ़ से वैक्सीन लगवाना नहीं चाहते।
क्या आपको अपने बच्चे को वैक्सीन लगवाना चाहिए?
मौजूद समय में अपने बच्चों को COVID-19 के खिलाफ टीका लगवाना उन्हें संक्रामक रोगों से बचाने का सबसे बेहतर और एक मात्र तरीका है। वायरस का स्वरूप लगातार बदल रहा है जो हमारी इम्यूनिटी और हेल्थ के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हालांकि वैक्सीन हमें 100 फीसदी सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकता है, लेकिन यह स्थिति को गंभीर होने से बचा सकता है। अगर आपके बच्चे की अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आती है तो उससे उसकी मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अपने बच्चे को वैक्सीन जरूर लगवाएं।
वैक्सीन के बच्चों पर कौन-कौन से साइड इफेक्ट हो सकते हैं?
बच्चों के लिए तैयार वैक्सीन की प्रभावशीलता पर गंभीर तरीके से परीक्षण किया गया है जिसके बाद उसे बच्चों के लिए मंजूरी दी गई है। आप अपने बच्चे को वैक्सीन लगवा रहे है तो वैक्सीन की प्रभावशीलता और उसकी जटिलताओं के बारे में बिल्कुल भी चिंता नहीं करें।
हाल ही में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडियां द्वारा अप्रूव वैक्सीन के नैदानिक परीक्षणों से पता चलता है कि बच्चों की वैक्सीन के गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते। बुखार, इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द, उनींदापन, रेडनेस, शरीर में दर्द और थकान जैसी मामूली परेशानियां आपके बच्चे को वैक्सीन लगवाकर हो सकती है। यह परेशानी 2-3 दिनों में दूर हो जाएगी। वैक्सीन लगवाने के बाद इन साइड इफेक्ट का अनुभव इस बात का संकेत है कि आपके बच्चे का शरीर वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी का निर्माण कर रहा है। वयस्कों में भी वैक्सीन लगवाने के बाद समान लक्षण दिखते हैं।