भारतीय सेना को कल मिलेंगे 319 युवा अफसर, मित्र देशों के 68 कैडेट भी होंगे पासआउट

देहरादून। देश के भावी सैन्य अफसर सरहद की निगेहबानी को तैयार हैं। भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में शनिवार को होने वाली पासिंग आउट परेड (पीओपी) के बाद भारतीय सेना को 319 युवा अफसरों की टोली मिल जाएगी। इसके अलावा आठ मित्र देशों के 68 कैडेट भी आइएमए से कड़ा प्रशिक्षण लेकर अपनी-अपनी सेना का हिस्सा बनेंगे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द बतौर निरीक्षक अधिकारी परेड की सलामी लेंगे। वह इसके लिए शुक्रवार शाम दून पहुंच गए हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए परेड के दौरान हर स्तर पर सतर्कता बरती जाएगी। देश-विदेश के गण्यमान्य लोग और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी सीमित संख्या में अकादमी पहुंचे हैं।
वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सशस्त्र सेनाओं की जीत के 50 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित हो रही परेड को यादगार बनाने की तैयारी कई दिन से की जा रही थी। लेकिन, इस बीच तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकाप्टर हादसे में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 अधिकारियों व जवानों की मौत हो जाने से यकायक परिदृश्य बदल गया। सीडीएस बिपिन रावत को भी परेड में शिरकत करने आइएमए पहुंचना था। उनके निधन के बाद कमांडेंट परेड के अलावा पासिंग आउट परेड की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले दो अन्य कार्यक्रम रद कर दिए गए।
वहीं, शनिवार को पीओपी और पीपिंग सेरेमनी की रस्म तो होगी, लेकिन जश्न नहीं मनाया जाएगा। पीओपी के मद्देनजर अकादमी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। चप्पे-चप्पे पर सेना के सशस्त्र जवान तैनात हैं। अकादमी परिसर के बाहरी क्षेत्र में सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के पास है। पीओपी के दौरान पंडितवाड़ी से प्रेमनगर तक जीरो जोन रहेगा। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-72 (चकराता रोड) से गुजरने वाला यातायात प्रेमनगर व बल्लूपुर से डायवर्ट रहेगा।