100 करोड़ की ठगी में फ्रॉड फैमिली गिरफ्तार

गाजियाबाद में फ्लैट बुक करके लोगों के करीब 100 करोड़ रुपए हड़पने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। यह गैंग सऊदी अरब भागने की फिराक में था। आरोपियों ने वहां के सिटीजन कार्ड भी बनवा लिए थे।
दरअसल, राजनगर एक्सटेंशन में आइडिया बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स, रेड एप्पल जैसी दर्जनों कंपनियां बनाई गईं। इन कंपनियों के बैनर तले प्लॉट और फ्लैट की आकर्षक स्कीमें लांच की गईं। राजनगर एक्सटेंशन में रहने की चाहत में हजारों लोग इस झांसे में आ गए और पौंजी स्कीम में पैसे लगा दिए। इस तरह फ्रॉड गैंग ने प्लॉट और फ्लैट बुकिंग के जरिए करीब 100 करोड़ रुपए ठग लिए। फिर एक-एक कर कंपनी के सारे दफ्तर बंद होते चले गए।
29 मुकदमे दर्ज हुए थे
इस मामले में बिल्डर राजकुमार जैन समेत उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ शासन में शिकायत हुई। इस पर मंत्री सतीश महाना की अध्यक्षता में बायर्स-बिल्डर की एक कमेटी गठित हुई। इस कमेटी के निर्णय के बावजूद बिल्डर ने तय समय पर प्लॉट और फ्लैट लोगों को बनाकर नहीं दिए। इसके बाद गाजियाबाद में बिल्डर और उसके पूरे परिवार पर कुल 29 मुकदमे दर्ज हुए थे।
जैन परिवार बन गया था गर्ग परिवार, बना लिए थे फर्जी दस्तावेज
गाजियाबाद की नंदग्राम थाना पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को मुख्य आरोपी राजकुमार जैन समेत ऋषभ जैन, नमन जैन, अनुशा जैन, इंदू जैन को गिरफ्तार कर लिया। सभी लिंक रोड थाना क्षेत्र में रामप्रस्थ सोसाइटी के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों ने फर्जी नाम-पते पर सऊदी अरब के सिटीजन कार्ड भी बनवा लिए थे। वह जल्द ही विदेश में शिफ्ट होने वाले थे। नमन जैन ने अपना नाम रोहित जैन, राजकुमार जैन की जगह रमेश गर्ग, ऋषभ जैन के स्थान पर सन्नी गर्ग, अनुशा जैन की जगह राखी गर्ग, इंदु जैन के स्थान पर बॉबी गर्ग, अक्षय के स्थान पर देवेन गर्ग और प्रतीक जैन के स्थान पर राहुल गर्ग नाम रख लिया था। अपने पते भी अलग-अलग लिखवा लिए थे।
पुलिस ने बताया कि फर्जी तरह से बनवाए गए सिटीजनशिप कार्ड के संबंध में विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं फरार अक्षय और प्रतीक को पकड़ने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
नए खाते में रकम ट्रांसफर करके भाग जाता परिवार
पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ आरोपियों के कब्जे से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। अक्षय जैन ने देवेन गर्ग के नाम से आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाकर डेबिट कार्ड और चेकबुक हासिल कर ली थी।
इसी खाते में ठगी की सारी रकम ट्रांसफर करके विदेश भागने की तैयारी थी। पुलिस ने आरोपियों से 13 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड, पांच मोबाइल फोन, एप्पल के 4 लैपटॉप भी रिकवर किए हैं।