जामिया बवाल पर बोले अमित शाह- अगर छात्र पत्थर फेंकते हैं तो पुलिस को एक्शन लेना पड़ेगा
नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जबरदस्त विरोध देखने को मिला है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बसों को आग लगा दी, पुलिस के वाहन जला दिए और पत्थराबाजी की। जवाब में पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं, जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के परिसर में पुलिस एक्शन पर सवाल उठने लगे हैं, जिसपर देश के गृहमंत्री अमित शाह का जवाब आया है।
न्यूज चैनल आजतक के एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने जामिया हिंसा पर सवालों के जवाब दिए। जामिया के अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुए हिंसक प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश यूनिवर्सिटी में हालात सामान्य हैं। अमित शाह ने कहा कि बहुत से छात्रों ने नागरिकता एक्ट को पूरी तरह से नहीं पढ़ा है और उन्हें गुमराह किया जा रहा है।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई पर गृहमंत्री ने कहा कि अगर छात्र पत्थरबाजी का सहारा लेते हैं तो पुलिस को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। शाह ने कहा कि उनको अगर लगता है कि कुछ गलत है तो भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि इस एक्ट के जरिए किसी की नागरिकता नहीं छीनी जा रही है, ये एक्ट नागरिकता देने के लिए है।
दिल्ली पुलिस के जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में दाखिल होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि अगर कैंपस के अंदर पथराव होता है, आगजनी होती है, बसें जलाई जाती है, किसी की गाड़ी जलाई जाती है तो पुलिस को एक्शन लेना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस मजबूर थी। शाह ने कहा कि जब हिंसा फैलाई जा रही हो, तो उसे रोकना पुलिस का फर्ज भी है और धर्म भी है। शाह ने कहा कि कानून-व्यवस्था कायम रहे और शांति बहाल रहे, सरकार की पहली प्राथमिकता ये है और इसके लिए पुलिस को उचित निर्देश दिए गए हैं।source: oneindia.com