अन्य देशों के साथ एफटीए वार्ता के दौरान विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ करार करना एक महत्वपूर्ण क्षेत्र: श्री गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले एवं खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कौशल विकास सभी सरकारी योजनाओं का मूल होगा। उन्होंने कहा कि सरकार कई औद्योगिक, कपड़ा तथा ऑटोमोबाइल पार्कों में अधिक संसाधन लगा रही है, ऐसे प्रत्येक पार्क को एक संबंधित कौशल विकास संस्थान शामिल करना चाहिए।
श्री गोयल ने ‘‘ सबका प्रयास: सामूहिक साझीदारी‘ पर आयोजित एक वेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि देश भर में कार्यान्वित की जा रही नई शिक्षा नीति (एनईपी) भी अब कौशल विकास पर जोर दे रही है। इसमें दोहरी डिग्री प्रोग्राम, विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ करार, छात्र विनिमय कार्यक्रम तथा शिक्षा क्षेत्र के अतिरिक्त उदार कलाओं के संवर्धन की परिकल्पना की गई है।
उन्होंने कहा, ‘ एनईपी जनवरी, 2015 से ही व्यापक परामर्शों से जुड़ा रहा है जिसमें 2.5 लाख पंचायतों से 2 लाख से अधिक सुझाव तथा लगभग 700 जिलों से मिले प्रस्ताव शामिल हैं। एनईपी की किसी ने भी आलोचना नहीं की है, इसका निर्माण सबसे प्रयास के परिणामस्वरूप किया गया है।‘
श्री गोयल ने कहा कि सरकार भी अन्य देशों के साथ व्यापार वार्ताएं करने के दौरान विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ करार करने की परिकल्पना करने के जरिये उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि, ‘ ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया या कनाडा जैसे कई देशों के साथ की जा रही मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) और व्यापक आर्थिक साझीदारी समझौता (सीईपीए) वार्ताओं में, हम शिक्षा को एक प्रमुख सेक्टर के रूप में शामिल करने का तथा एनईपी को आधार बनाये रखने और फीस में कमी लाने के उद्वेश्य से विश्वविद्यालयों के बीच करारों को सम्मिलित करने का प्रयास कर रहे हैं। ‘‘
श्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज का दिन एक शुभ दिन है जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक सेवा में निर्बाधित रूप से 20 वर्ष पूरे किए हैं।
उन्होंने कहा कि , ‘ प्रेरित करने वाले बल के रूप में सबका प्रयास तथा सरकारी की विभिन्न कल्याणकारी स्कीमों के मार्गदर्शी सिद्धांतों के रूप में सुशासन के साथ हम समाज के सबसे सीमांत वर्गों तक पहुंच पाने में समर्थ होंगे। सुशासन का अर्थ होता है देश को ईमानदार बनाना, हमारे संस्थानों में ईमानदारी का सूत्रपात करना और उन्हें पारदर्शी बनाना। ‘सबका साथ‘ और ‘सबका विकास‘ हमारी सरकार की योजनाओं का आदर्श है जिसने हमें ‘सबका विश्वास‘ दिलाया है, और आज पूरा देश राष्ट्र के भाग्य में सुधार लाने तथा भारत, इसकी 135 करोड़ लोगों की पूरी जनसंख्या के लिए समृद्ध लाने के लिए ‘सबका प्रयास‘ के पथ पर एकजुट है। ‘‘
श्री गोयल ने कहा कि एनईपी उस नए भारत की नींव रखेगी जिसकी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कल्पना की है और यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। एक बेंचमार्क के रूप में सुशासन के जरिये जनधन, उज्ज्वला, एलईडी बल्बों को बढ़ावा देना, आयुष्मान भारत, डीबीटी, जेएएम ट्रिनिटी, एक देश-एक राशन कार्ड तथा पीएजेकेएवाई जैसी ऐतिहासिक योजनाओं के कार्यान्वयन के साथ दुनिया के देशों के बीच भारत का दर्जा बढ़ेगा। श्री गोयल ने कहा, ‘ सबका प्रयास के जरिये जन भागीदारी जन आंदोलन का कारण बनेगी।‘