गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं, महिलाओं के सर्वांगीण विकास को समर्पित अमृत काल का जनाकांक्षी बजट: कपिल देव अग्रवाल

लखनऊ : सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के मूलमंत्र के अनुरूप नए उत्तर प्रदेश का बजट प्रदेश के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं, उद्यमियों व व्यवसायियों समेत समाज के हर तबके के हितों की पूर्ति करने वाला होगा। मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट से विधायक एवं प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को पेश किये गये बजट को जनकल्याणकारी बताते हुए कहा कि यह गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं, महिलाओं के सर्वांगीण विकास को समर्पित अमृत काल का जनाकांक्षी बजट है। यह बजट उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने तथा 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने विभाग से संबंधित बजट के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश में 305 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,72,872 सीटें उपलब्ध हैं। प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 में महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु महिला शाखा संचालित कराई जा रही है। सम्पूर्ण प्रदेश में महिलाओं हेतु 12 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतन्त्र रूप से संचालित हो रहे हैं। सम्पूर्ण प्रदेश में 2963 से अधिक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें 4.58 लाख से अधिक सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध हैं।
कौशल विकास मंत्री ने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजीज लि० की सहभागिता से प्रदेश के राजकीय क्षेत्र के 150 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के तकनीकी उन्नयन की योजना के अन्तर्गत आधुनिक कार्यशालाओं एवं कक्षा कक्षों का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना की लागत 5000 करोड रूपये से अधिक है जिसमें 88 प्रतिशत अंश टाटा टेक्नोलाजी लि० द्वारा तथा 12 प्रतिशत अंश राज्य सरकार द्वारा लगाया जायेगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा परियोजना हेतु 10 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में कार्यशाला, प्रशिक्षण कक्ष इत्यादि के निर्माण के लिये 477 करोड़ रूपये का व्यय वहन किया जायेगा।
कौशल विकास मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में परियोजना के लिए 940 करोड़ रूपये की व्यवस्था करायी गयी है। परियोजना के फलस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 30,000 छात्र प्रशिक्षित होंगे। कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु 150 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रशिक्षण योजना हेतु 70 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। केन्द्र प्रायोजित स्ट्राइव योजना के अन्तर्गत 29 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उच्चीकरण कराया जायेगा। इस हेतु 35 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।