देश-विदेश

ड्रोन से फसल की पैदावार बढ़ेगी, किसानों का खर्च घटेगा: श्री गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नवाचार सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ड्रोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वचनबद्ध है। यह क्षेत्र पिछले तीन वर्षों में तेजी से विकास का साक्षी बना है। नवाचार के माध्‍यम से ड्रोन उद्योग में प्रौद्योगिकी के विकास और प्रगति की सराहना करते हुए श्री गोयल ने कहा कि ड्रोन इकोसिस्‍टम का विकास और उन्हें देश भर के गांवों में तैनात करना प्रधानमंत्री की ‘नमो ड्रोन दीदी’ पहल के अनुरूप है और यह कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कारगर साबित हो रहा है।

श्री गोयल ने कहा कि ड्रोन उद्योग में तकनीकी प्रगति से मौसम की अनियमितता से निपटने में मदद मिलेगी और किसानों को उच्च गुणवत्ता एवं अधिक मात्रा में उपज प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। ड्रोन और ड्रोन घटकों के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना इस क्षेत्र की प्रगति के लिए एक किकस्टार्टर है और इसे सरकार की ओर से स्थायी सब्सिडी योजना के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल में हम तिगुनी गति से कार्य करेंगे, तीन गुना परिणाम सुनिश्चित करेंगे और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की आशा रखेंगे।

श्री गोयल ने कहा कि ड्रोन सहकारी क्षेत्र, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को कृषि-इंफ्रा निधि की सहायता से उर्वरक पहुंचाने और किसानों के नुकसान और खर्च को कम करने में एक साझा सुविधा के रूप में योगदान करने की क्षमता रखते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ड्रोन इकोसिस्टम के वित्तपोषण और मार्गदर्शन के लिए इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सिडबी को शामिल किया जा सकता है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए श्री गोयल ने कहा कि 2024 की पहली छमाही में 18 आरंभिक सार्वजनिक प्रस्‍तुतियां (आईपीओ) पहले ही दी जा चुकी हैं और 2023 में 17 आईपीओ पेश किए गए। श्री गोयल ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश विदेशी निवेशकों के अप्रत्याशित निवेश का साक्षी बना है और बुनियादी ढांचे के लिए बड़े स्‍तर पर काम किया गया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप पर नियमों और अनुपालन बोझ को कम करने के साथ-साथ कारोबार में आसानी (ईओडीबी) को सक्षम बनाना प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की प्राथमिकता रही है।

श्री गोयल ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास का अर्थव्यवस्था पर गुणात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की मांग बढ़ती है। इससे देश में खपत भी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने से उद्योग और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ देश सर्वांगीण विकास के पथ पर निरंतर प्रगति कर रहा है।

Related Articles

Back to top button