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अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कभी नहीं सोता!’ उम्र घटाने की सनक में अरबपति ब्रायन जॉनसन ने तोड़ा बेडरूम का नियम; खुद खोला अलग सोने का सबसे बड़ा राज

उम्र को थामने और हमेशा 18 साल जैसा जवान दिखने की धुन में हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने वाले अमेरिकी टेक उद्यमी और अरबपति ब्रायन जॉनसन एक बार फिर अपने बेहद सख्त और अजीबोगरीब लाइफस्टाइल नियमों को लेकर दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गए हैं। अपने एंटी-एजिंग मिशन 'प्रोजेक्ट ब्लूप्रिंट' के जरिए अपनी जैविक उम्र (बायोलॉजिकल एज) को रिवर्स करने का दावा करने वाले 47 वर्षीय ब्रायन जॉनसन ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है। ब्रायन ने बताया कि वे रिलेशनशिप में होने के बावजूद अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कभी भी एक ही बेड पर रात नहीं बिताते हैं और हमेशा पूरी तरह अलग कमरे में अकेले सोते हैं।

पार्टनर के साथ न सोने के पीछे का वैज्ञानिक तर्क

ब्रायन जॉनसन के अनुसार, उनके लिए अच्छी और गहरी नींद दुनिया की किसी भी दूसरी चीज से ज्यादा कीमती है। वे नींद को केवल आराम का जरिया नहीं बल्कि 'बायोलॉजिकल रिपेयर' की सबसे अहम प्रक्रिया मानते हैं। उनका कहना है कि जब दो लोग एक साथ सोते हैं, तो करवट बदलने, सांस लेने की आवाज, खर्राटे, शरीर के तापमान में बदलाव या चादर खींचने जैसी छोटी-छोटी बातों से भी स्लीप साइकिल में व्यवधान (माइक्रो-अराउजल्स) पैदा होता है। भले ही इंसान पूरी तरह न जागे, लेकिन उसका दिमाग डीप स्लीप (Deep Sleep) और आरईएम स्लीप (REM Sleep) से बाहर आ जाता है। इससे शरीर के सेल्स के रिपेयर होने की रफ्तार धीमी हो जाती है और एजिंग प्रोसेस तेज होने लगता है।

रात 8:30 बजे सोने और अलग कमरे की सख्त शर्तें

ब्रायन जॉनसन की लाइफस्टाइल में रोमांस से ज्यादा प्राथमिकता उनके 'स्लीप प्रोटोकॉल' को दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे डेटिंग शुरू करने से पहले ही अपनी पार्टनर के सामने यह शर्त रख देते हैं कि रात को दोनों अपने-अपने अलग कमरों में सोएंगे। उनका सोने का समय शाम 8:30 बजे तय है। सोने से दो घंटे पहले वे ब्लू-लाइट ब्लॉकिंग चश्मा पहनते हैं, कमरे का तापमान ठीक 19 डिग्री सेल्सियस पर सेट रहता है और कमरा पूरी तरह से साउंडप्रूफ व पिच-ब्लैक (घुप अंधेरा) होता है। उनका मानना है कि पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम दिन में या शाम को बिताया जा सकता है, लेकिन सोने का समय केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य और रिकवरी के लिए आरक्षित होना चाहिए।

क्या है 'स्लीप डिवोर्स' और क्यों बढ़ रहा है इसका वैश्विक ट्रेंड?

ब्रायन जॉनसन के इस बयान ने आधुनिक रिश्तों में 'स्लीप डिवोर्स' (Sleep Divorce) यानी कपल्स के अलग-अलग बिस्तरों या कमरों में सोने की अवधारणा पर नई बहस छेड़ दी है। कई अंतरराष्ट्रीय स्लीप स्टडीज और न्यूरोलॉजिस्ट्स भी इस बात का समर्थन करते हैं कि खराब नींद सीधे तौर पर चिड़चिड़ापन, तनाव, कमजोर इम्यूनिटी, हार्ट अटैक के खतरे और रिश्तों में कड़वाहट की वजह बनती है। अलग सोने से दोनों पार्टनर्स को बिना किसी खलल के 7 से 8 घंटे की निर्बाध नींद मिलती है, जिससे दिनभर उनका मूड और ऊर्जा का स्तर बेहतर बना रहता है।

साल के 16 करोड़ रुपये और 100 से अधिक सप्लीमेंट्स का रूटीन

ब्रायन जॉनसन की जिंदगी केवल अलग सोने तक सीमित नहीं है। वे 30 से अधिक डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की एक समर्पित टीम की निगरानी में रहते हैं। वे रोजाना सुबह 5 बजे उठते हैं, दिनभर में 100 से ज्यादा विटामिंस और एंटीऑक्सीडेंट्स की गोलियां खाते हैं, रोजाना स्ट्रिक्ट वेगन डाइट लेते हैं और दोपहर 11 बजे के बाद दिन का आखिरी खाना खा लेते हैं। उनके शरीर के हर एक अंग—हार्ट, लिवर, लंग्स, स्किन और डीएनए डैमेज की रोजाना मॉनिटरिंग की जाती है। जॉनसन का दावा है कि उनके इस स्लीप और न्यूट्रिशन रूटीन के कारण उनका हार्ट 37 साल का, फेफड़े 18 साल के और त्वचा 28 साल के युवा जैसी हो चुकी है।

रिश्तों से पहले बायोलॉजिकल हेल्थ को प्राथमिकता

ब्रायन जॉनसन का यह नजरिया यह साबित करता है कि वे अमरता और फिटनेस की अपनी खोज में किसी भी तरह के सामाजिक समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। जहां पारंपरिक समाज में पति-पत्नी या कपल्स का एक साथ सोना प्यार और नजदीकी का पैमाना माना जाता है, वहीं ब्रायन जॉनसन का मानना है कि खुद को स्वस्थ और ऊर्जावान रखे बिना किसी दूसरे इंसान के साथ एक मजबूत और प्यार भरा रिश्ता निभाना असंभव है। उनका यह बेबाक खुलासा अब युवाओं और फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों के बीच स्लीप हाइजीन का एक नया बेंचमार्क बन गया है।