
भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर के हर हिस्से की देखभाल तो करते हैं, लेकिन पैरों की सेहत की तरफ हमारा ध्यान सबसे आखिर में जाता है। खासकर बरसात के मौसम में नमी और गंदे पानी के संपर्क में आने से पैरों में फंगल इन्फेक्शन, रैशेज और बदबू की समस्या आम हो जाती है। यदि समय रहते पैरों की साफ-सफाई पर ध्यान न दिया जाए, तो यह छोटी सी लापरवाही गंभीर त्वचा रोगों का रूप ले सकती है। लोगों को मौसमी बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग और आयुष मंत्रालय द्वारा जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। आइए जानते हैं कि आयुष मंत्रालय के अनुसार पैरों को साफ और सूखा रखना क्यों बेहद जरूरी है और इससे जुड़ी खास बातें क्या हैं।
नमी और पसीने के कारण तेजी से पनपते हैं बैक्टीरिया
बरसात के दिनों में हवा में नमी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे हमारे पैर लंबे समय तक गीले या पसीने से तरबतर रहते हैं। ऐसे में उंगलियों के बीच में नमी फंसे रहने के कारण बैक्टीरिया और फंगस बहुत तेजी से पनपने लगते हैं। आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, पैरों को गंदे पानी और नमी से बचाकर रखना संक्रमण को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। जब पैर लगातार नमी के संपर्क में रहते हैं, तो एथलीट फुट या त्वचा की एलर्जी जैसी समस्याएं होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि जब भी आप बाहर से आएं, तो सबसे पहले अपने पैरों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
आयुष मंत्रालय की सलाह: ऐसे करें पैरों की सही देखभाल
आयुष मंत्रालय के स्वास्थ्य सुझावों के मुताबिक, पैरों को हमेशा संक्रमण मुक्त रखने के लिए उन्हें साफ और सूखा रखना सबसे प्राथमिक नियम है। बाहर बारिश के पानी में भीगने के बाद घर पहुंचते ही पैरों को एंटीसेप्टिक साबुन या गुनगुने पानी से धोना चाहिए। इसके बाद सूती या साफ तौलिए से पैरों को, विशेष तौर पर उंगलियों के बीच की जगहों को अच्छी तरह पोंछकर पूरी तरह सूखा लें। लंबे समय तक गीले जूते या मोजे पहने रहने से बचें क्योंकि यह फंगल इन्फेक्शन को बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा, पैरों को नमी से बचाने के लिए अच्छी क्वालिटी के फुटवियर पहनें और समय-समय पर पैरों की हल्की मालिश या नेचुरल क्रीम का इस्तेमाल करें।
घर पर अपनाए जाने वाले आसान और असरदार उपाय
आयुष मंत्रालय और पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों में प्राकृतिक तरीकों से स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। आप चाहें तो हफ्ते में एक बार गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक या नीम के पत्ते डालकर उसमें कुछ देर पैर भिगोकर रख सकते हैं, जिससे पैरों की थकान भी दूर होती है और हानिकारक कीटाणु भी नष्ट होते हैं। अपने जूतों और मोजों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और उन्हें हमेशा धूप में सुखाकर ही इस्तेमाल करें। इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण आदतों को अपनी डेली रूटीन में शामिल करके आप अपने पैरों को पूरी तरह स्वस्थ, सुंदर और संक्रमण मुक्त रख सकते हैं।
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