Monday , August 17 2026

सुशांत केस के बाद रिया चक्रवर्ती के परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, पिता को गंवानी पड़ी नौकरी; बोलीं- ‘सरनेम की वजह से…’

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनकी कथित गर्लफ्रेंड और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को जिस दौर से गुजरना पड़ा, वह भारतीय मीडिया और फिल्म जगत के सबसे विवादित अध्यायों में से एक रहा है। सुशांत की मौत के बाद लगे गंभीर आरोपों, केंद्रीय जांच एजेंसियों की लंबी पूछताछ और हफ्तों तक जेल में रहने के बाद रिया की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। हालांकि, अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन में वापसी कर रहीं रिया चक्रवर्ती ने अपने हालिया बयानों और पॉडकास्ट में उस काले दौर का दर्द बयां किया है। उन्होंने खुलासा किया कि उस पूरे मामले का सबसे विनाशकारी असर केवल उन पर ही नहीं, बल्कि उनके पूरे निर्दोष परिवार पर पड़ा, जहां उनके रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर पिता को अपनी नौकरी तक गंवानी पड़ी थी।

परिवार का सामाजिक बहिष्कार और पिता की नौकरी पर गिरी गाज

रिया चक्रवर्ती ने बताया कि 2020 में शुरू हुए जबरदस्त मीडिया ट्रायल और आरोपों के तूफान ने उनके हंसते-खेलते परिवार को तिनके की तरह बिखेर दिया था। उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती, जो भारतीय सेना से एक सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से रिटायर हुए थे और बाद में एक प्राइवेट कॉर्पोरेट संस्थान में उच्च पद पर कार्यरत थे, उन्हें अचानक बिना किसी गलती के अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। रिया के अनुसार, समाज और मीडिया के भारी दबाव के चलते कंपनी ने उनके पिता से इस्तीफा ले लिया था। पूरे परिवार का इस कदर सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था कि पुराने दोस्त और रिश्तेदार तक उनके घर आने या फोन पर बात करने से कतराने लगे थे।

'चक्रवर्ती' सरनेम बना मुसीबत का सबब

रिया ने बातचीत के दौरान बेहद भावुक होकर उस त्रासदी का जिक्र किया जो उनके सरनेम के कारण उनके करीबियों ने झेली। रिया ने कहा कि उस दौर में स्थिति इतनी जहरीली हो चुकी थी कि केवल उनका नाम या 'चक्रवर्ती' सरनेम जुड़ा होना ही किसी व्यक्ति के लिए मुसीबत बन जाता था। अगर उनके परिवार का कोई सदस्य बाहर ग्रोसरी खरीदने, बैंक के काम से या किसी काम के सिलसिले में जाता और लोगों को पता चलता कि उनका ताल्लुक रिया चक्रवर्ती से है, तो लोग उन्हें संदेह और नफरत की नजर से देखने लगते थे। भाई शौविक चक्रवर्ती को भी लंबी कानूनी लड़ाई और जेल की प्रताड़ना से गुजरना पड़ा, जिससे उनका पूरा युवा करियर और पढ़ाई बीच में ही रुक गई।

मानसिक आघात, ट्रॉमा और जेल की वो खौफनाक रातें

रिया ने स्वीकार किया कि उस दौर ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को गहरे पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) और डिप्रेशन में धकेल दिया था। भायखला जेल में बिताए गए 28 दिनों के अनुभव को याद करते हुए रिया ने कहा कि जेल की सलाखों के पीछे जिंदा रहना और उम्मीद बनाए रखना दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई थी। बाहर जहां 24 घंटे टीवी चैनलों पर उनके खिलाफ नफरत फैलाई जा रही थी, वहीं जेल के अंदर उन्हें कैदियों के बीच सादगी और जिंदगी का असली मतलब समझ आया। रिया ने कहा कि उस दर्दनाक दौर ने उनके अंदर से मौत और बदनामी का डर पूरी तरह खत्म कर दिया।

'चैप्टर 2' के साथ जिंदगी की नई शुरुआत

अंधेरे और कठिन वक्त को पीछे छोड़ते हुए रिया चक्रवर्ती ने अब अपनी जिंदगी का 'चैप्टर 2' शुरू किया है। उन्होंने अपना खुद का पॉडकास्ट शुरू किया है, जहां वे मशहूर हस्तियों के साथ जीवन के संघर्षों, मानसिक स्वास्थ्य और री-इन्वेंशन पर खुलकर चर्चा करती हैं। इसके साथ ही वे मॉडलिंग, ब्रांड एंडोर्समेंट्स और फैशन शोज के जरिए इंडस्ट्री में अपनी जगह दोबारा बना रही हैं।

रिया का कहना है कि जो कुछ भी उनके और उनके परिवार के साथ हुआ, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन उन्होंने खुद को एक 'विक्टिम' (पीड़िता) के रूप में देखना बंद कर दिया है। रिया मानती हैं कि सबसे बड़ी ताकत उस वक्त को झेलकर खड़े रहने में है और उनके माता-पिता व भाई की अटूट एकता ने ही उन्हें इस सबसे बड़े तूफान से बाहर निकलने की हिम्मत दी।