
पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर भीषण राजनीतिक व सामाजिक उबाल आ गया है। गायकबंधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की 81 फीट ऊंची भव्य और विशालकाय मूर्ति का ऐतिहासिक निर्माण करवा रहे एक हिंदू युवक हरिदास चंद्र तारनी दास की अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद पूरे देश का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ शनिवार को राजधानी ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के बाहर हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदायों के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया है कि बहुसंख्यक समाज के कट्टरपंथियों के दबाव में आकर मूर्ति निर्माण कार्य को बाधित करने के लिए हरिदास को मनी लॉन्ड्रिंग के एक पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे केस में फंसाकर जेल भेजा गया है।
सीआईडी का मनी लॉन्ड्रिंग का दावा: संदिग्ध लेन-देन और जबरन धर्म परिवर्तन की थ्योरी पर उठे गंभीर सवाल
बांग्लादेश की आपराधिक जांच विभाग (CID) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में हरिदास चंद्र को ९.३५ करोड़ टका (बांग्लादेशी मुद्रा) के संदिग्ध लेन-देन और अवैध वित्तीय हेरफेर के संगीन आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच में यह सनसनीखेज दावा किया है कि हरिदास वर्ष २०१० में अवैध रूप से सीमा पार कर भारत चला गया था और बाद में २०१९ में उसने कथित तौर पर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। हालांकि, स्थानीय अदालत द्वारा हरिदास को बिना किसी विस्तृत जांच के सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के फैसले के बाद से ही देश के अल्पसंख्यक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है, जो पुलिस की इस धर्म परिवर्तन और वित्तीय हेरफेर वाली थ्योरी को एक सुनियोजित साजिश करार दे रहे हैं।
अल्पसंख्यक एकता परिषद का बड़ा अल्टीमेटम: रिहाई न होने पर पूरे बांग्लादेश में उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
'बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद' के बैनर तले आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में अंतरिम सरकार को बेहद सख्त और सीधी चेतावनी जारी की गई है। परिषद के केंद्रीय महासचिव मनिंद्र कुमार नाथ ने इस दमनकारी गिरफ्तारी की तीव्र शब्दों में भर्त्सना करते हुए कहा कि राज्य मशीनरी जानबूझकर धार्मिक आस्था के काम में रोड़े अटका रही है, जिसे देश का अल्पसंख्यक समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, परिषद के वरिष्ठ और प्रखर नेता सुब्रत चौधरी ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया कि यदि बेकसूर हरिदास को ससम्मान तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में तीनों अल्पसंख्यक समुदाय सामूहिक रूप से सड़कों पर उतरकर एक राष्ट्रव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने सवाल दागा कि आखिर किसके इशारे पर देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का यह घिनौना खेल खेला जा रहा है?
एक साल में 3000 से अधिक अत्याचार की घटनाएं: नरसिंगदी के चंचल भौमिक हत्याकांड से दहला हिंदू समाज
मनिंद्र कुमार नाथ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के समक्ष बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही लगातार हिंसक वारदातों के भयावह आंकड़े भी सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि पिछले महज एक वर्ष के भीतर पूरे बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर बर्बर अत्याचार की करीब ३,००० से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें सुनियोजित तरीके से ६६ मासूम लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई और दर्जनों प्राचीन मंदिरों को कट्टरपंथियों द्वारा खंडित कर दिया गया। हाल ही में नरसिंगदी जिले में २५ वर्षीय हिंदू युवा चंचल भौमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला भी काफी गरमाया हुआ है, जिसकी सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद उसकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हो रही है। इसके पूर्व गायकबंधा जिले में ही एक इस्लामी जुलूस के दौरान भगवान राम के चित्रों के सरेआम अपमान किए जाने की घटना पर भी भारी आक्रोश देखा गया था।
भारत सरकार ने भी वैश्विक मंच पर जताई कड़ी चिंता: विदेश मंत्रालय ने ढाका को दी सुरक्षा पुख्ता करने की नसीहत
बांग्लादेश के भीतर हिंदुओं और उनके धार्मिक प्रतीकों पर हो रहे इन लगातार हमलों पर भारत सरकार भी बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपना चुकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संवेदनशील विषय पर बयान जारी करते हुए कहा था कि बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक तस्वीरों के लगातार हो रहे अपमान व तोड़फोड़ की घटनाओं पर नई दिल्ली बेहद बारीक नजर बनाए हुए है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों के तहत बांग्लादेश की तत्कालीन सरकार से इन चरमपंथी और कट्टरपंथी तत्वों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कानूनी लगाम कसने, दोषियों को जेल भेजने और संपूर्ण अल्पसंख्यक आबादी के जान-माल की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की थी।
UK News