
News India Live, Digital Desk: Rent Agreement Rules : अगर आप उत्तर प्रदेश में किराए के मकान में रहते हैं या आपने अपना घर किराए पर दे रखा है, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी। मकान मालिक और किराएदार के बीच आए दिन होने वाले झगड़ों, जैसे- मनमानी सिक्योरिटी मांगना, जब मर्ज़ी किराया बढ़ा देना या अचानक घर खाली करने के लिए कहना, इन सब पर अब लगाम लगने वाली है। योगी सरकार एक ऐसा नया कानून लाने जा रही है, जो इन सभी समस्याओं को जड़ से खत्म कर देगा।इस नए कानून का मकसद किरायेदारी को एक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है, ताकि न तो मकान मालिक को कोई परेशानी हो और न ही किराएदार को।क्या हैं इस नए कानून के बड़े फायदे?1. अब ज़ुबानी नहीं, सिर्फ़ लिखित एग्रीमेंट चलेगासबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब मकान मालिक और किराएदार के बीच हर बात लिखित में होगी। ज़ुबानी तौर पर किए गए किसी भी वादे की कोई अहमियत नहीं होगी। हर किरायेदारी के लिए एक रेंट एग्रीमेंट बनवाना अनिवार्य होगा, जिससे बाद में कोई भी अपनी बात से पलट नहीं सकेगा।2. सिक्योरिटी डिपॉजिट की मनमानी खत्म!किराएदारों के लिए यह सबसे बड़ी राहत है। अब मकान मालिक घर के किराए के बदले मनमानी सिक्योरिटी नहीं वसूल पाएंगे।घर के लिए (Residential): अब मकान मालिक सिर्फ़ दो महीने के किराए के बराबर ही सिक्योरिटी ले सकेंगे।दुकान या ऑफिस के लिए (Commercial): कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए सिक्योरिटी छह महीने के किराए के बराबर तय की गई है।3. अब जब चाहे नहीं बढ़ेगा किरायानए नियम के मुताबिक, मकान मालिक अब साल में जब मर्ज़ी तब किराया नहीं बढ़ा सकेंगे। किराया बढ़ाने के लिए उन्हें किराएदार को कम से कम तीन महीने पहले लिखित में नोटिस देना होगा। साथ ही, किराया कितना बढ़ेगा, इसकी भी सीमा तय की जाएगी, ताकि कोई भी मनमाने ढंग से किराया न बढ़ा सके।4. ‘घर खाली करो’ की धमकी नहीं चलेगीमकान मालिक अब बिना किसी ठोस वजह के किराएदार को घर से नहीं निकाल पाएंगे। अगर किराएदार दो महीने तक किराया नहीं देता है या प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाता है, तभी उसे घर खाली करने के लिए कहा जा सकेगा। छोटी-छोटी बातों पर घर खाली कराने का डर अब खत्म हो जाएगा।5. झगड़ों के निपटारे के लिए बना स्पेशल ‘कोर्ट’मकान मालिक और किराएदार के बीच किसी भी तरह के विवाद को सुलझाने के लिए हर ज़िले में एक ‘किराया प्राधिकरण’ (Rent Authority) बनाया जाएगा। अब लोगों को छोटे-छोटे मामलों के लिए सालों तक कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह प्राधिकरण 60 दिनों के अंदर मामले का निपटारा कर देगा।यह नया कानून उत्तर प्रदेश में किराए पर मकान लेने और देने के पूरे सिस्टम को बदल देगा, जिससे लाखों किराएदारों और मकान मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
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