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UP की सड़कों पर मौत का मंगलवार ,कहीं एम्बुलेंस बनी काल, तो कहीं स्कूल बस ने छीनी मासूम की ज़िंदगी

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में मंगलवार का दिन दो परिवारों के लिए क़यामत बनकर आया. अलग-अलग ज़िलों में हुए दो दिल दहला देने वाले सड़क हादसों ने कई घरों के चिराग बुझा दिए. एक तरफ सीतापुर में मरीज़ को ले जा रही एम्बुलेंस बेकाबू होकर पलट गई, जिसमें 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. तो दूसरी तरफ श्रावस्ती में एक स्कूल बस ने घर के बाहर खेल रहे 4 साल के मासूम को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.इन दो घटनाओं ने एक बार फिर सड़कों पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.सीतापुर: जब जान बचाने वाली एम्बुलेंस ने ही ले ली 4 जानेंयह दर्दनाक हादसा सीतापुर के बिसवां-लहरपुर रोड पर नयानापुर गांव के पास हुआ. शाहजहांपुर के रहने वाले 50 वर्षीय नन्हे दिल के मरीज़ थे. उन्हें इलाज के लिए सीतापुर से वापस शाहजहांपुर ले जाया जा रहा था. परिवार के लोग और एम्बुलेंस ड्राइवर मनोज यही दुआ कर रहे थे कि मरीज़ जल्द से जल्द घर पहुंच जाए.लेकिन रास्ते में अचानक ड्राइवर ने एम्बुलेंस से अपना नियंत्रण खो दिया. गाड़ी सड़क पर लहराई और तेज़ रफ़्तार में पलट गई. हादसा इतना भयानक था कि एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए. इस दुर्घटना में मरीज़ नन्हे (50), उनकी रिश्तेदार लीलावती (45) और सुरेंद्र (40) के साथ-साथ 25 साल के एम्बुलेंस ड्राइवर मनोज कुमार की भी मौके पर ही मौत हो गई. एक अन्य महिला गंगा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जो एम्बुलेंस ज़िंदगी बचाने का ज़रिया थी, वही चार लोगों की मौत की वजह बन गई.श्रावस्ती: घर के बाहर खेल रहे बच्चे को रौंदकर भागी स्कूल बसश्रावस्ती के इकौना इलाके के नंदुईनगर बाज़ार में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. 4 साल का मासूम देव अपने घर के बाहर खेल रहा था. उसे क्या पता था कि बच्चों को स्कूल से घर छोड़ने वाली बस ही उसकी मौत का कारण बन जाएगी.बलरामपुर के एक निजी स्कूल (सूरजदीप स्कूल) की बस बच्चों को उतारने के बाद पीछे (बैक) हो रही थी. ड्राइवर ने पीछे ध्यान नहीं दिया और बस ने खेल रहे मासूम देव को अपनी चपेट में ले लिया. बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. अपनी आँखों के सामने अपने बच्चे को इस तरह मरता देख परिवार में कोहराम मच गया. हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर बस लेकर मौके से फरार हो गया. घटना के बाद गुस्साए परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने हंगामा किया, जिन्हें पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया.