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अमेरिका-चीन-सऊदी, कैसे पाकिस्तान ने साध रखी है दुनिया की सबसे मुश्किल कूटनीति?

दुनियाकेबदलतेनक्शेपरपाकिस्तानकीविदेशनीतिहमेशाचर्चाकाविषयरहीहै.ऐसाअक्सरदेखाजाताहैकिकईदेशोंकोचुननापड़ताहैकिवेकिसकेखेमेमेंहैंअमेरिकायाचीन.लेकिनपाकिस्ताननेबड़ेकमालसेइनदोनोंधुरंधरशक्तियोंकेसाथदोस्तीनिभाईहै,औरइसमेंउसेसऊदीअरबकामज़बूतसहाराभीमिलाहै.सवालयेहैकिआखिरपाकिस्तानयहसंतुलनकैसेबनापाताहैऔरक्याइसरास्तेकीकोईसीमाभीहै?पाकिस्ताननेअपनीआज़ादीकेबादसेहीदुनियामेंअपनीजगहबनानेकीकोशिशकीहै.शुरुआतीदिनोंमेंतोवहअमेरिकाकेपालेमेंखड़ानज़रआताथा,जबवह SEATOऔर CENTOजैसेकम्युनिस्ट-विरोधीसैन्यसमझौतोंकाहिस्साथालेकिनसमयकेसाथउसनेचीनकेसाथभीअपनेरिश्तेमज़बूतकिए.चीन-पाकिस्तानइकोनॉमिककॉरिडोर (CPEC)इसकाजीता-जागताउदाहरणहै,जिसनेदोनोंदेशोंकेबीचआर्थिकऔररणनीतिकसंबंधोंकोनईऊंचाइयोंपरपहुँचायाहै आजपाकिस्तानकेलिएचीनएकबेहदविश्वसनीयसाझेदारबनगयाहै,जोउसेबड़ेपैमानेपरआर्थिकऔरसैन्यसहायतादेताहै.कईविश्लेषकतोइसे ‘चीनपरपाकिस्तानकीजीवनरेखा’भीमानतेहैंएकतरफजहाँचीनसेगहरीदोस्तीहै,वहींपाकिस्ताननेअमेरिकाकेसाथभीअपनेरिश्तेपूरीतरहतोड़ेनहींहैं.बल्किअमेरिकाकेसाथभीवहअलग-अलगक्षेत्रोंमेंजुड़ावबनाएरखनेकीकोशिशकरताहै,खासकरसैन्यसहयोगकेमामलेमें.यहदिखाताहैकिपाकिस्तानअंतरराष्ट्रीयमंचपर ‘किसीएकपालेमेंनहीं’वालीनीतिपरचलनाचाहताहै.इनसबकेबीच,सऊदीअरबकासाथपाकिस्तानकेलिएएकऔरमज़बूतखंभाहै.सऊदीअरबहमेशासेपाकिस्तानकाएकबड़ावित्तीयसमर्थकरहाहैऔरदोनोंदेशोंकेबीचधार्मिकवरणनीतिकरिश्तेभीबेहदगहरेहैं हालहीमेंपाकिस्तानऔरसऊदीअरबनेएकरणनीतिकरक्षासमझौतेपरभीदस्तखतकिएहैं,जिसकामतलबहैकिएकपरहमलाहोनेपरदूसराउसेखुदपरहमलामानेगायहसमझौतायहभीदिखाताहैकिसऊदीअरबअबसिर्फएकदेशपरनिर्भरतानहींचाहता,औरउसनेपाकिस्तानजैसेसहयोगियोंकेसाथअपनीसुरक्षामजबूतकीहैयेपूरासमीकरणकहींनकहींपाकिस्तानकेसंस्थापकमोहम्मदअलीजिन्नाकेविज़नसेजुड़ाहुआहै.जिन्नाने .वेशांतिऔरसमृद्धिकोबढ़ावादेनेकीबातकरतेथे लेकिनक्याइतनीसारीमहाशक्तियोंकेसाथएकसाथचलना,बिनाकिसीतरफझुके,उनकेबताएरास्तेपरचलनावाकईसंभवहै?क्यापाकिस्तानइससंतुलनकोहमेशाबनाएरखपाएगा,याफिरएकदिनयहनीतिउसकीसीमाओंकोपरखेगी?यहसमयबताएगा.

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