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दिल्ली एयरपोर्ट पर T1 से T3 जाने का झंझट अब होगा खत्म! आ रही है नई मेट्रो, बचेगा समय और पैसा

अगर आप दिल्ली से फ्लाइट पकड़ते हैं, तो एक परेशानी से आपका सामना ज़रूर हुआ होगा – टर्मिनल1 (T1)और टर्मिनल3 (T3)के बीच की दौड़-भाग। अभी तक इन दोनों टर्मिनलों के बीच आने-जाने के लिए सड़क का ही रास्ता था,जिसमें शटल बस या कैब का सहारा लेना पड़ता था। इसमें न सिर्फ़ काफ़ी समय लगता था,बल्कि कभी-कभी कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का डर भी बना रहता था।लेकिन अब यह सिरदर्द जल्द ही खत्म होने वाला है। दिल्ली एयरपोर्ट पर इन दोनों टर्मिनलों को आपस में जोड़ने के लिए ज़ोर-शोर से काम चल रहा है,और इसका हल निकलेगा एक नई मेट्रो लाइन से!कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?इस बड़ी समस्या को सुलझाने के लिए आने वाली’गोल्डन लाइन’मेट्रो रूट पर एक बिल्कुल नया और ख़ास स्टेशन बनाया जाएगा। यह स्टेशनT1औरT3के बीच एक सीधी मेट्रो लिंक का काम करेगा।क्या है प्लान?अभी एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज लाइन) आपकोT3तक पहुँचाती है और मैजेंटा लाइनT1 को जोड़ती है,लेकिन इन दोनों के बीच कोई सीधा जुड़ाव नहीं है।समाधान क्या है?अब जो नई गोल्डन लाइन बन रही है, उसेएयरोसिटीके रास्तेT1तक बढ़ाया जाएगा। एयरोसिटी में एक बड़ा’इंटीग्रेटेड स्टेशन’बनेगा। यहाँ से यात्री आसानी से एक मेट्रो लाइन से उतरकर दूसरी लाइन पकड़ सकेंगे और बिना एयरपोर्ट से बाहर निकलेT1 से T3तक पहुँच जाएँगे।यह कोई हवाई बात नहीं है, DIALके CEOने की है पुष्टिदिल्ली एयरपोर्ट को चलाने वाली कंपनीDIAL के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया, “पहले गोल्डन लाइन सिर्फ़ एयरोसिटी तक ही आनी थी,लेकिन हमनेDMRC (दिल्ली मेट्रो) को इसेT1तक बढ़ाने के लिए मना लिया है।” उन्होंने साफ़ किया कि यह लाइनT1को एयरोसिटी से जोड़ेगी,और एयरोसिटी सेT3के लिए पहले से ही एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मौजूद है।सिर्फ़ मेट्रो ही नहीं,एयरोसिटी बनेगा भविष्य का ट्रांसपोर्ट हब!यह तैयारी सिर्फ़ दो टर्मिनलों को जोड़ने की नहीं है,बल्कि एयरोसिटी को एक बहुत बड़ा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाने की है। इसका मतलब है कि भविष्य में यहाँ आपको एक ही जगह पर कई तरह के साधन मिलेंगे:दिल्ली मेट्रो:शहर के अलग-अलग कोनों से जुड़ने के लिए।एयरपोर्ट एक्सप्रेस:नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक तेज़ पहुँच के लिए।RRTS: (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) यानी सुपरफास्ट ट्रेन,जो एनसीआर के शहरों को एयरपोर्ट से जोड़ेगी।एयर ट्रेन:भविष्य में टर्मिनलों के बीच आवाजाही के लिए एक’ऑटोमेटेड पीपल मूवर’यानी छोटी,बिना ड्राइवर वाली ट्रेन चलाने की भी योजना है।कुल मिलाकर,ये सारे बदलाव दिल्ली एयरपोर्ट पर सफ़र को पहले से कहीं ज़्यादा आसान और आरामदायक बना देंगे। तो अगली बार जब आप दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरें,तो शायद आपको टर्मिनलों के बीच भागने की टेंशन नहीं लेनी पड़ेगी।