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नोएडा-लखनऊ को भूल जाइए! अब UP में बसेंगे 5 बिल्कुल नए और ‘स्मार्ट’ शहर, जानें आपके घर के पास तो नहीं बन रहा?

अब तक जब भी उत्तर प्रदेश में विकास,नौकरी और आधुनिक जिंदगी की बात होती थी,तो सबकी जुबान पर सिर्फ एक-दो ही नाम आते थे – नोएडा,ग्रेटर नोएडा या फिर राजधानी लखनऊ। तरक्की मानो इन्हीं शहरों की गलियों में आकर सिमट गई थी।लेकिन अब,उत्तर प्रदेश अपनी ही सफलता की एक नई और इससे भी बड़ी कहानी लिखने जा रहा है।योगी सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग कोनों मेंएक-दो नहीं,बल्कि पूरे5नए और वर्ल्ड-क्लास शहरबसाने के‘महा-प्लान’को हरी झंडी दे दी है। यह शहर बिल्कुल‘न्यू नोएडा’की तर्ज पर बसाए जाएंगे,जहां चौड़ी सड़कें, 24घंटे बिजली-पानी,बड़ी-बड़ी कंपनियां और फैक्ट्रियां होंगी।क्यों पड़ी इन नए शहरों की जरूरत?इसका मकसद साफ है – अब तरक्की सिर्फ एक-दो शहरों की‘बपौती’नहीं रहेगी।बड़े शहरों का बोझ होगा कम:नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों पर आबादी और भीड़ का बोझ इतना बढ़ गया है किवहां की जिंदगी अब मुश्किल होती जा रही है।घर के पास मिलेगा रोजगार:इन नए शहरों को इंडस्ट्रियल और आईटी हब के तौर पर विकसित किया जाएगा,ताकि बुंदेलखंड या पूर्वांचल के युवाओं को नौकरी के लिए अपना घर छोड़कर नोएडा या दिल्ली न भागना पड़े।कहां बसेंगे ये भविष्य के5नए‘नोएडा’?बुंदेलखंड को मिलेगा पंख:सबसे बड़ा तोहफा बुंदेलखंड को मिलने जा रहा है।झांसीके पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे एक विशाल इंडस्ट्रियल सिटी बसाई जाएगी।‘नई अयोध्या’:अयोध्या के विकास को देखते हुए,गोरखपुर-लखनऊ हाईवेपर अयोध्या के पास भी एक आधुनिक टाउनशिप बसाई जाएगी।यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA)का विस्तार:जेवर एयरपोर्ट के पास,यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा‘न्यू ग्रेटर नोएडा’नाम से एक और शहर बसाने की योजना है।दो और शहरों पर काम जारी:इनके अलावा,प्रदेश के दो और हिस्सों में भी ऐसे ही आधुनिक शहरों के लिए जमीन की तलाश जोरों पर है।किसानों की लगेगी लॉटरी! (जमीन अधिग्रहण का नया फॉर्मूला)इन शहरों को बसाने के लिए सरकार किसानों से जबरदस्ती जमीन नहीं लेगी,बल्कि उन्हेंविकास में हिस्सेदारबनाएगी।‘लैंड पूलिंग’स्कीम:इस नई स्कीम के तहत,किसानों से उनकी जमीन ली जाएगी और जब उस जमीन पर शहर विकसित हो जाएगा,तो उन्हें मुआवजे के साथ-साथ विकसित जमीन का एक हिस्सा भी वापस दिया जाएगा,जिसकी कीमत उनकी पुरानी खेती की जमीन से कई सौ गुना ज्यादा होगी।यह सिर्फ5नए शहरों को बसाने का प्लान नहीं है,यह पूरे उत्तर प्रदेश को विकास के एक नए और बराबरी वाले रास्ते पर ले जाने का एक सुनहरा सपना है,जो अब हकीकत बनने की राह पर है।