अब दिल्ली दूर नहीं, ईंधन और समय की बचत

साहिबाबाद : कृषि कानून विरोधी प्रदर्शन की वजह से यूपी गेट पर साल भर से ज्यादा समय से बंद ज्यादातर रास्ते बृहस्पतिवार को खुल गए। वाहन चालक चंद मिनट में गाजियाबाद से दिल्ली पहुंच गए। उनके चेहरे पर रास्ता खुलने की खुशी दिखी। ईंधन और समय दोनों की बचत हुई।
यूपी गेट पर 28 नवंबर 2020 से प्रदर्शन चल रहा था। इससे वाहन चालक यूपी गेट होकर दिल्ली नहीं जा पा रहे थे। उन्हें खोड़ा, ईडीएम माल, महाराजपुर, चंद्रनगर, ज्ञानी बार्डर, भोपुरा होकर दिल्ली जाना पड़ता था। इससे उन्हें पांच से 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। जाम की वजह से समय और ईंधन भी अधिक लगता था। एक वाहन में औसतन हर दिन 50 रुपये का अतिरिक्त ईंधन खर्च होता था। बुधवार को प्रदर्शनकारी यहां से चले गए। बुधवार रात में पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की दिल्ली जाने वाली लेन खोल दी थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे यूपी गेट फ्लाईओवर के नीचे से होकर दिल्ली जाने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ डाउन लेन भी खुल गई। लिक रोड होकर आने वाले वाहन यहां से होकर चंद मिनट में दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर वाहनों ने भरी रफ्तार : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर यातायात पूरी तरह से सामान्य रहा। वाहन चालक अपनी रफ्तार में जाते दिखे। उनमें से तमाम वाहन चालकों ने यूपी गेट फ्लाईओवर पर अपनी गति धीमी की। खिड़की से आसपास नजर दौड़ाई। खाली रास्तों को देखकर उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। नहीं लगा जाम : रास्ता खुल जाने की वजह से खोड़ा नहर रोड, गौड़ ग्रीन एवेन्यू, महाराजपुर, ज्ञानी बार्डर पर वाहनों का दबाव कम रहा। इसकी वजह से इन सीमाओं पर जाम नहीं लगा। यहां से भी वाहन चालक आसानी से दिल्ली गए। प्रदर्शन के दौरान इन सीमाओं पर जाम लगा रहता था। वाहन चालकों को करीब 30 मिनट जाम में फंसना पड़ता था। उनका ईंधन खर्च होता था। बृहस्पतिवार को वाहन चालकों को इन समस्याओं से नहीं जूझना पड़ा। दिल्ली के पटपड़गंज अस्पताल में ड्यूटी है। यूपी गेट पर रास्ता बंद होने से हर दिन गाजीपुर होकर जाना पड़ता था। हर दिन करीब 50 रुपये का अतिरिक्त ईंधन खर्च होता था। बृहस्पतिवार को रास्ता खुल गया। इससे अतिरिक्त खर्च बच गया।