
प्रयागराज में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं। जिलाधिकारी (DM) मनीष कुमार वर्मा के आदेश पर जिले की सभी तहसीलों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है,ताकि सरकारी और ग्राम सभा की जमीनों को खाली कराया जा सके। इसी कार्रवाई के तहत,सोमवार को जिले में अलग-अलग जगहों पर18ऐसी जमीनों को कब्जामुक्त कराया गया,जिन पर पिछले9से16 सालों से लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था।इन इलाकों में चला बुलडोजर,खाली कराई गईं जमीनेंसोरांव और करछना:सोरांव तहसील के पूरबनारा गांव में रास्ते की जमीन और चौबारा में खलिहान की भूमि को खाली कराया गया। वहीं,करछना के भमोखर,सेहरा और मुरादपुर गांवों में रास्तों पर हुए कब्जों को हटाया गया। जगौती गांव में नवीन परती की जमीन को भी प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया।फूलपुर और कोरांव:फूलपुर तहसील के सरांयमदन गांव में आने-जाने के रास्ते और जाफरपुर उर्फ बाबूगंज में तालाब की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इसी तरह,कोरांव के भगेसर और देईबांध गांव में चकमार्ग (खेतों के किनारे का रास्ता) को खाली कराया गया। बारा तहसील के भेलांव और चितौरी में भी रास्तों से अतिक्रमण हटाया गया।सदर,हंडिया और मेजा में भी बड़ी कार्रवाई:यह अभियान सिर्फ कुछ ही तहसीलों तक सीमित नहीं रहा। सदर तहसील के भीटी में नाले पर और तिमरा में चकमार्ग पर हुए कब्जों को हटाया गया। हंडिया के बसनेहटा में चारागाह की जमीन और भेस्की में चकमार्ग को मुक्त कराया गया। वहीं, मेजा तहसील के टिकरी और झड़ियाही गांव की जमीनों से भी अवैध कब्जे हटाए गए।जिलाधिकारी (DM)की सीधी नजर,लापरवाही बर्दाश्त नहींजिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने इस काम को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। उन्होंने सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकारी और ग्राम सभा की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को तुरंत और एक समय-सीमा के अंदर हटाया जाए। वह खुद हर दिन इस अभियान की समीक्षा कर रहे हैं।अधिकारियों का साफ कहना है कि सरकार की मंशा के मुताबिक,यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही करने वाले अधिकारी या कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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