
News India Live, Digital Desk: अमेरिका के टेक्सास स्थित पोर्ट आर्थर में सोमवार शाम (स्थानीय समय) एक विशाल तेल रिफाइनरी में हुए जोरदार धमाके ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। वैलेरो एनर्जी (Valero Energy) की इस रिफाइनरी में ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि कई मील दूर तक लोगों के घर और खिड़कियां थरथरा उठीं। घटना के तुरंत बाद आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जिसके चलते प्रशासन को आनन-फानन में स्थानीय निवासियों के लिए ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (घरों में रहने का आदेश) जारी करना पड़ा। यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे इसके पीछे ‘साजिश’ की आशंकाएं गहरा गई हैं।धमाके की तीव्रता और ग्राउंड रिपोर्टप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब 6:30 बजे एक तेज गूंज सुनाई दी, जिसके बाद रिफाइनरी की एक यूनिट आग की लपटों में घिर गई। पोर्ट आर्थर के मेयर चार्लोट एम. मोसेस ने पुष्टि की कि धमाका बड़ा था, लेकिन राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रिफाइनरी के करीब 770 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, एहतियात के तौर पर स्टेट हाईवे 82 और 87 को बंद कर दिया गया है और दमकल विभाग की कई टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हैं।क्या ईरान ने दिया है जवाब? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसइस धमाके ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी सुर्खियां बटोरीं क्योंकि हाल ही में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अपनी रणनीति में बदलाव कर ‘आक्रामक रुख’ अपनाने का ऐलान किया था। सोशल मीडिया पर IRGC से जुड़े कुछ अकाउंट्स इस घटना को ‘सबोटाज’ (तोड़फोड़) और ईरान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों और जेफरसन काउंटी की शेरिफ जेना स्टीफंस ने शुरुआती जांच के बाद संकेत दिया है कि धमाका संभवतः एक ‘इंडस्ट्रियल हीटर’ (औद्योगिक हीटर) में आई तकनीकी खराबी के कारण हुआ है।ईंधन संकट और बढ़ती कीमतों का डरवैलेरो की यह रिफाइनरी अमेरिका की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 4.35 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की है। ईरान के साथ जारी तनाव के बीच इस हादसे ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्लांट लंबे समय तक बंद रहता है, तो अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गैस और पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। पहले से ही ईरान युद्ध के चलते तेल की आपूर्ति पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजरभले ही प्राथमिक जांच में इसे एक हादसा बताया जा रहा है, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियां हर एंगल से इसकी जांच कर रही हैं। खासकर तब, जब ईरान ने धमकी दी है कि अगर ट्रंप प्रशासन ने हमला किया तो वे ‘अमेरिका को पंगु’ बना देंगे। पर्यावरण एजेंसियां भी इलाके की हवा की गुणवत्ता (Air Quality) की जांच कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धुएं से कोई जहरीली गैस नहीं फैली है। फिलहाल पोर्ट आर्थर के लोग दहशत में हैं और ‘ऑल क्लियर’ सिग्नल का इंतजार कर रहे हैं।
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