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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का बड़ा ‘ऐक्शन प्लान’: 10 जुलाई को देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस, सुरेंद्र राजपूत बोले— “मगरमच्छों को बचाने के लिए मछलियों को बनाया चारा”

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दान में हेरफेर का मामला अब एक बड़े राष्ट्रीय राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। पार्टी इस मामले को केवल बयानों तक सीमित न रखकर राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा जनांदोलन बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के हवाले से आई ताजा जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने इस मुद्दे को देश के कोने-कोने और गांवों तक ले जाने के लिए एक आक्रामक रणनीति तैयार की है, जिसके तहत 10 जुलाई (शुक्रवार) को देश भर में एक साथ 'मेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस' की जाएगी।

देश के प्रमुख शहरों में एक साथ मोर्चा संभालेंगे दिग्गज नेता

कांग्रेस की इस देशव्यापी रणनीति के तहत पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता, राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, राज्य प्रभारी और कई वरिष्ठ नेता शुक्रवार को देश के सभी प्रमुख शहरों और राज्यों की राजधानियों में एक साथ मीडिया को संबोधित करेंगे। कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य इस कथित घोटाले को जनहित और पारदर्शिता का बड़ा मामला बनाकर सीधे जनता की अदालत में ले जाना है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी मंदिर प्रबंधन, ट्रस्ट और केंद्र सरकार से सीधे जवाबदेही की मांग करेगी।

पीएमओ (PMO) और संघ प्रमुख से पूछताछ की मांग; सुरेंद्र राजपूत का तीखा हमला

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने एक बेहद आक्रामक बयान जारी करते हुए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को कटघरे में खड़ा किया है। सुरेंद्र राजपूत ने कहा:

"राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस बेहद गंभीर मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जिम्मेदारी से बिल्कुल नहीं बच सकते, क्योंकि इस श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन उन्होंने खुद किया था। इस ट्रस्ट में एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के लोगों को भर दिया गया, जिन्होंने बाद में नियमों को ताक पर रखकर अपने भाई-भतीजों और चहेतों को मंदिर की नौकरियों पर लगवा दिया।"

कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी मामले के असली 'मगरमच्छों' को बचाने के लिए प्रशासन ने कुछ चंद छोटी 'मछलियों' (कर्मचारियों) को गिरफ्तार कर मोहरा या चारा बना दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घोटाले की सुई सीधे पीएमओ और संघ प्रमुख की तरफ भी जाती है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों, आरएसएस (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के शीर्ष नेताओं से भी कड़ी पूछताछ की जानी चाहिए।

जन-संपर्क अभियान के जरिए गांवों तक पहुंचेगी कांग्रेस

बताया जा रहा है कि 10 जुलाई को होने वाली इस देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस इस कथित चोरी से जुड़े अपने तीखे सवालों और मांगों की एक आधिकारिक सूची सार्वजनिक करेगी। इसके बाद, पार्टी इस मुद्दे को लेकर देश भर के ग्रामीण इलाकों में एक बड़ा जन-संपर्क अभियान (Mass Contact Programme) शुरू करने की योजना भी बना रही है। अब राजनीतिक गलियारों में सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस के इस बड़े हमले पर राम मंदिर ट्रस्ट, बीजेपी या केंद्र सरकार की तरफ से क्या आधिकारिक पलटवार आता है।