Sunday , September 20 2026

एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026: भारत दौरे पर आएगी पाकिस्तान टीम, पंजाब के मोहाली और जालंधर में भिड़ंत

एशियाई खेल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खेल सुर्खी सामने आई है, जिसने सीमा पार खेल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है। बहुप्रतीक्षित पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए पाकिस्तान हॉकी टीम का आधिकारिक तौर पर भारत दौरा तय हो गया है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को हॉकी इंडिया और पंजाब सरकार ने एक संयुक्त उच्चस्तरीय संवाददाता सम्मेलन में टूर्नामेंट के पूर्ण कार्यक्रम और तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर 2026 तक पंजाब की ऐतिहासिक खेल धरती पर भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी पंजाब के दो प्रमुख खेल केंद्रों—जालंधर और मोहाली—को सौंपी गई है, जहां एशियाई महाद्वीप की छह दिग्गज टीमें प्रतिष्ठित एशियाई खिताब को अपने नाम करने के लिए आमने-सामने होंगी।

पंजाब में सजेगा एशियाई हॉकी का महाकुंभ: सीएम भगवंत मान ने किया तारीखों का ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली स्थित अत्याधुनिक खेल परिसर में हॉकी इंडिया के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में एएचएफ (AHF) पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की आधिकारिक तारीखों और आयोजन योजना पर औपचारिक मुहर लगाई। इस ऐतिहासिक घोषणा के समय मंच पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह, महानिदेशक कमांडर आर के श्रीवास्तव, कार्यकारी बोर्ड के सदस्य व पूर्व दिग्गज हॉकी खिलाड़ी आर पी सिंह तथा हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से भारतीय हॉकी की नर्सरी और जीवनरेखा रहा है, जिसने देश को दर्जनों ओलंपियन और कप्तान दिए हैं। ऐसे में राज्य सरकार इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को अब तक का सबसे भव्य, सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत खेल आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि पंजाब की समृद्ध खेल संस्कृति का परचम वैश्विक पटल पर एक बार फिर गर्व से लहरा सके।

मोहाली और जालंधर में बंटे मुकाबले: ओपनिंग जालंधर में, सेमीफाइनल-फाइनल मोहाली में

टूर्नामेंट के मैच वेन्यू और संचालन ढांचे की विस्तृत जानकारी देते हुए हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का भव्य उद्घाटन समारोह (ओपनिंग सेरेमनी) और शुरुआती लीग स्टेज के सभी रोमांचक मैच जालंधर के विश्वप्रसिद्ध ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं टूर्नामेंट के निर्णायक नॉकआउट दौर यानी रोमांचक सेमीफाइनल और खिताबी फाइनल मुकाबले मोहाली के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में फ्लडलाइट्स के नीचे आयोजित किए जाएंगे। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की राष्ट्रीय टीमें मैदान पर अपना जौहर दिखाएंगी। एशियाई हॉकी महासंघ (AHF) ने किसी भी आपात स्थिति, लॉजिस्टिकल अड़चन या अंतिम समय में किसी टीम के हटने की संभावना को देखते हुए ओमान और बांग्लादेश की राष्ट्रीय हॉकी टीमों को आधिकारिक रूप से स्टैंडबाय और रिजर्व टीमों की सूची में रखा है।

पाकिस्तान के आगमन पर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: 'मल्टी-नेशन इवेंट में अड़चन नहीं'

टूर्नामेंट में पाकिस्तान हॉकी टीम के भारत आगमन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर पूछे गए तीखे सवालों का सीधा जवाब देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा स्वीकृत बहु-पक्षीय (मल्टी-नेशन) टूर्नामेंटों में विदेशी टीमों की भागीदारी से किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय खेल संहिताओं और ओलंपिक चार्टर के नियमों से बंधा होता है। उन्होंने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि यह कोई द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) नहीं है, बल्कि एक बहु-देशीय एशियाई चैंपियनशिप है। मुख्यमंत्री के इस रुख से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट या हॉकी सीरीज पर लगी पाबंदियों के बावजूद बहु-देशीय प्रतियोगिताओं में खेल भावना को प्राथमिकता देते हुए टीमें निष्पक्ष रूप से एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं।

द्विपक्षीय सीरीज पर भारत की अटूट केंद्रीय खेल नीति: आतंकवाद और खेल साथ नहीं

पाकिस्तान के साथ सीधी द्विपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं के संबंध में भारत सरकार की आधिकारिक केंद्रीय खेल नीति आज भी बेहद स्पष्ट, अपरिवर्तित और अडिग है। केंद्र सरकार का स्पष्ट सिद्धांत है कि सीमा पार आतंकवाद और द्विपक्षीय खेल रिश्ते कभी एक साथ आगे नहीं बढ़ सकते। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकी ठिकानों के खिलाफ त्वरित और निर्णायक संक्षिप्त सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के द्विपक्षीय राजनीतिक अथवा खेल संपर्कों पर पूर्ण प्रतिबंध जारी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC), अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) और एशियाई खेल निकायों के कड़े नियमों के तहत भारत किसी भी वैश्विक या एशियाई बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी विदेशी टीम के प्रवेश पर मनमाना वीटो नहीं लगा सकता, जिसके चलते पाकिस्तानी हॉकी दल को इस बहु-देशीय टूर्नामेंट के लिए भारतीय वीजा और सुरक्षा क्लीयरेंस प्रदान किया जा रहा है।