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ओल्ड गुरुग्राम का सालों का इंतजार खत्म! हर 5 मिनट में मिलेगी मेट्रो, 80 की स्पीड से भरेगी रफ्तार

Gurugram metro new line 2025 : हरियाणा सरकार ओल्ड गुरुग्राम की सूरत बदलने के लिए एक और बड़ा कदम उठा रही है. जाम और धीमी रफ्तार से परेशान लाखों लोगों को जल्द ही मेट्रो की बड़ी सौगात मिलने वाली है. ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना ने एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है,क्योंकि इसके दूसरे चरण का भू-तकनीकी सर्वे (मिट्टी-पानी की जांच) का काम पूरा हो गया है. अब जल्द ही इस इलाके में भी मेट्रो का सपना साकार होता दिखेगा.यात्रियों को क्या मिलेगा?यह नई मेट्रो लाइन ओल्ड गुरुग्राम के यात्रियों के लिए सफर का अनुभव पूरी तरह से बदल देगी.फ्रीक्वेंसी:यात्रियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. हरपांच मिनटके अंतराल पर एक मेट्रो उपलब्ध होगी.स्पीड:इस नई मेट्रो की अधिकतम रफ्तार80किलोमीटर प्रति घंटाहोगी, हालांकि इसे90किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है.क्षमता:शुरुआत में तीन कोच वाली मेट्रो चलाई जाएगी,जिसमें एक बार में975यात्रीसफर कर सकेंगे (136सीटें). जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी,इसे छह कोच का कर दिया जाएगा,जिसकी क्षमता2004यात्रियों (286सीटें) की होगी.गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL)इसके संचालन के लिए कुल117कोच का इंतजाम करेगा. मेट्रो की बॉडी स्टेनलेस स्टील की होगी,जो मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.अभी जमीन पर क्या चल रहा है काम?प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने का काम तेजी से चल रहा है.सर्वे पूरा:सेक्टर-9से लेकर डीएलएफ साइबर सिटी तक के लगभग13किलोमीटर के हिस्से में मिट्टी और पानी के सैंपल लेने का काम पूरा हो चुका है,जिसके आधार पर अब टेंडर के दस्तावेज तैयार किए जाएंगे.पेड़ों की कटाई:मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सुभाष चौक तक मेट्रो लाइन के रास्ते में आने वाले पेड़ों की कटाई का काम भी तेज गति से हो रहा है.साइकिल ट्रैक हटेगा:निर्माण के दौरान ट्रैफिक जाम से बचने के लिए,मिलेनियम सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक बनेसाइकिल ट्रैक को खत्म किया जाएगा.इसके बगल में बनी सर्विस रोड को ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा,ताकि मुख्य सड़क पर गाड़ियों का दबाव कम हो.कहां बनेगा मेट्रो का’घर’? (मेट्रो डिपो)इस पूरी लाइन का कंट्रोल सेंटर यानी मेट्रो डिपो सेक्टर-33में मार्बल मार्केट के पास बनाया जाएगा. इस डिपो का भी विस्तार किया गया है.बजट बढ़ा:पहले इसके निर्माण की लागत110करोड़ रुपये थी,जो अब बढ़कर332करोड़ रुपयेहो गई है.जगह बढ़ी:डिपो का क्षेत्रफल5.5हेक्टेयर से बढ़ाकर22.86हेक्टेयरकर दिया गया है.ट्रैक लंबा हुआ:डिपो के अंदर पहले6किलोमीटर लंबा ट्रैक बनना था,जिसे अब18किलोमीटरकर दिया गया है.हालांकि, अभी तक डिपो के निर्माण के लिए जमीनGMRLको नहीं मिली है,लेकिन उम्मीद है कि यह प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी.