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कहानी जो शुरू तो हुई, पर खत्म नहीं हुई ,माइंडहंटर का वो अधूरापन जो आपको बेचैन कर देगा:

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News India Live, Digital Desk : कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो खत्म होकर भी हमारे दिलों में ज़िंदा रहती हैं, लेकिन कुछ कहानियाँ अधूरी रह जाती हैं और एक कसक छोड़ जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी है नेटफ्लिक्स की क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज़ ‘माइंडहंटर’ की। जिसने भी इस सीरीज़ को देखा, वो इसका दीवाना हो गया, लेकिन आज भी इस बात का इंतज़ार कर रहा है कि शायद कभी इसका अगला पन्ना पलटेगा।

यह सीरीज़ 2017 में आई और आते ही इसने क्राइम और सस्पेंस के शौकीनों के बीच एक खास जगह बना ली। यह उन आम पुलिस-चोर वाली कहानियों जैसी नहीं थी, जहाँ सिर्फ एक्शन और भाग-दौड़ होती है। ‘माइंडहंटर’ आपको जुर्म की दुनिया के उस अंधेरे कोने में ले जाती है जहाँ एक कातिल का दिमाग काम करता है।

क्यों ख़ास है ‘माइंडहंटर’?

यह सीरीज़ 70 के दशक के उस दौर की कहानी है जब FBI ने पहली बार सीरियल किलर्स के दिमाग को पढ़ने की कोशिश शुरू की थी। कहानी दो FBI एजेंटों – होल्डन फोर्ड और बिल टेंश के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अमेरिका के सबसे खूंखार और पकड़े जा चुके सीरियल किलर्स से जेल में जाकर मिलते हैं। उनका मकसद ये समझना होता है कि आखिर ये लोग ऐसा क्यों करते हैं? इनके दिमाग में क्या चलता है?

यह सीरीज़ सच्ची घटनाओं और असली किताब ‘माइंडहंटर: इनसाइड द एफबीआई’ज़ एलीट सीरियल क्राइम यूनिट’ पर आधारित है। यही वजह है कि इसे देखते हुए आपको बनावटीपन का एहसास नहीं होता, बल्कि आप उस दौर की हकीकत से रूबरू होते हैं। सीरीज़ के दो सीजन में कुल 19 एपिसोड हैं, और हर एपिसोड आपको कुर्सी से बांधे रखने का दम रखता है।

फिर क्यों अधूरी रह गई ये कहानी?

‘माइंडहंटर’ के दो सीजन इतने जबरदस्त हिट हुए कि हर किसी को तीसरे सीजन का बेसब्री से इंतज़ार था। कहानी को भी ऐसी जगह छोड़ा गया था जहाँ से आगे बढ़ने की पूरी गुंजाइश थी। लेकिन अचानक खबर आई कि तीसरा सीजन नहीं बनेगा।

इसके पीछे की वजह बताई गई इसका भारी-भरकम बजट और इसके डायरेक्टर डेविड फिंचर का दूसरे प्रोजेक्ट्स में व्यस्त होना। कारण चाहे जो भी हो, लेकिन फैंस के लिए यह एक बड़े झटके जैसा था। आज भी सोशल मीडिया पर लोग ‘माइंडहंटर सीजन 3’ को लेकर बात करते हैं और उम्मीद जताते हैं कि शायद नेटफ्लिक्स अपना फैसला बदल ले।

अगर आप एक ऐसी क्राइम-थ्रिलर देखना चाहते हैं जो आपके दिमाग पर गहरा असर छोड़े, तो ‘माइंडहंटर’ आपके लिए ही है। बस एक बात का ध्यान रखिएगा, कहानी अधूरी है, और शायद यही अधूरापन इसे और भी ख़ास बनाता है

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