
गरम-गरम रोटी पर एक चम्मच घी…आह! स्वाद ही दोगुना हो जाता है। दाल में तड़का लगाना हो या मिठाई बनानी हो,घी के बिना हमारा किचन अधूरा है। ज़्यादातर लोग अब बाज़ार से ही डिब्बाबंद घी खरीदते हैं,लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस घी को आप’शुद्ध’समझकर खा रहे हैं,वह आपकी सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन भी हो सकता है?बाज़ार में मिलने वाले ब्रांडेड घी में भी अक्सर वनस्पति,आलू या जानवरों की चर्बी की मिलावट की जाती है,जो धीरे-धीरे हमारे शरीर को खोखला कर देती है। लेकिन घबराइए नहीं! आपको किसी लैब में जाने की ज़रूरत नहीं है। आप अपनी रसोई में ही,कुछ आसान तरीकों से दूध का दूध और पानी का पानी कर सकते हैं।इन4आसान तरीकों से पहचानें असली और नकली घी1.हथेली टेस्ट (The Palm Test):यह सबसे पुराना और सबसे आसान तरीका है। एक चम्मच घी अपनी हथेली पर रखें। अगर घी कुछ ही सेकंड में अपने आप पिघलने लगे,तो समझ जाइए कि यहएकदम शुद्ध है।असली घी शरीर की गर्मी से तुरंत पिघल जाता है। वहीं,अगर यह हथेली पर जमा रहता है या दाने-दाने जैसा महसूस होता है,तो इसमें मिलावट है।2.पानी टेस्ट (The Water Test):एक गिलास सादे पानी में एक चम्मच घी डालें। अगर घी पानी की सतह परतैरने लगता है,तो वह असली है।लेकिन अगर घी पानी में नीचे बैठ जाता है या घुलने लगता है,तो इसका मतलब है कि उसमें मिलावट की गई है।3.फ्रिज टेस्ट (The Refrigeration Test):यह मिलावट पकड़ने का एक बहुत ही असरदार तरीका है। एक कांच की कटोरी में थोड़ा-सा घी डालकर उसे3-4घंटे के लिए फ्रिज में रख दें।अगर घी एक ही परत में,एक समान तरीके से जमता है,तो वह शुद्ध है।अगर घी अलग-अलग परतों (Layers)में जमता हैऔर नीचे तेल जैसा कुछ दिखता है,तो यह100%मिलावटी है।4.आयोडीन टेस्ट (The Iodine Test):यह टेस्ट घी में उबले आलू की मिलावट को पकड़ता है। एक चम्मच घी को पिघला लें और उसमें आयोडीन सोल्यूशन की2-3बूंदें डालें। अगर घी का रंग बदलकरनीला या बैंगनीहो जाए,तो समझ जाएं कि इसमें स्टार्च (आलू) मिलाया गया है।एक और पहचान:शुद्ध देसी घी की पहचान उसकी दानेदार बनावट और मनमोहक खुशबू होती है। गाय के दूध का घी हल्के पीले रंग का होता है,जबकि भैंस के दूध से बना घी सफ़ेद होता है।अपनी और अपने परिवार की सेहत से खिलवाड़ न करें। इन आसान तरीकों को अपनाएं और यह सुनिश्चित करें कि आपकी थाली में जो घी है,वह सेहत का खज़ाना है,ज़हर नहीं।
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