Saturday , October 10 2026

कानपुर में नौ नंबर क्रॉसिंग से भौंती बाईपास तक बनेगा फोरलेन, सड़कों का होगा चौड़ीकरण; ₹81.51 करोड़ का भारी बजट मंजूर

औद्योगिक नगरी कानपुर में वर्षों से ट्रैफिक जाम, संकरी सड़कों और भारी वाहनों के दबाव से जूझ रहे लाखों दैनिक यात्रियों और स्थानीय निवासियों को प्रदेश सरकार ने बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तोहफा दिया है। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) और शासन ने कानपुर शहर के प्रमुख पश्चिमी संपर्क मार्ग यानी नौ नंबर क्रॉसिंग (शारदा नगर/काकादेव बेल्ट) से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भौंती बाईपास तक के पूरे मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने और इससे जुड़े संपर्क मार्गों के चौड़ीकरण के लिए ₹81.51 करोड़ के भारी-भरकम बजट को वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस व्यस्त रूट पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम, ट्रकों की आवाजाही और संकरे मोड़ों से निजात दिलाने के लिए शासन ने बजट की पहली किस्त भी अवमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कॉरिडोर के फोरलेन बन जाने से दक्षिण कानपुर, काकादेव, कल्याणपुर और भौंती औद्योगिक क्षेत्र के बीच सफर करने वाले यात्रियों का आधा घंटा समय बचेगा।

₹81.51 करोड़ की परियोजना: क्या-क्या होगा निर्माण और कौन से हिस्से होंगे चौड़े

लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार, नौ नंबर क्रॉसिंग से भौंती बाईपास का यह पूरा खंड वर्तमान में दो लेन का है, जिसकी चौड़ाई कई स्थानों पर मात्र 7 से 10 मीटर के बीच सिमटी हुई है। ₹81.51 करोड़ के स्वीकृत बजट से निम्नलिखित प्रमुख विकास कार्य कराए जाएंगे:

  • चार लेन में तब्दीली: नौ नंबर क्रॉसिंग से लेकर भौंती बाईपास तक पूरे मुख्य मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ 4-लेन (लगभग 14 से 16 मीटर चौड़ा) बनाया जाएगा। बीच में मजबूत कंक्रीट डिवाइडर, सेंट्रल वर्ज और दोनों तरफ स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।

  • मजबूत डामरीकरण व आरसीसी निर्माण: भारी ट्रकों, ट्रेलरों और मालवाहक वाहनों की लगातार आवाजाही को देखते हुए सड़क के निचले हिस्से को हैवी लोड बेयरिंग क्षमता के अनुसार री-डिजाइन किया जाएगा, जिससे बरसात के दिनों में सड़क धंसने या गड्ढे होने की समस्या स्थायी रूप से खत्म हो सके।

  • आरसीसी भूमिगत ड्रेनेज नेटवर्क: सड़क के दोनों तरफ कंक्रीट के पक्के ढके हुए नाले बनाए जाएंगे, जिससे आसपास की कॉलोनियों के गंदे पानी की समुचित निकासी होगी और सड़क की उम्र लंबी रहेगी।

  • यूटिलिटी डक्ट और पोल शिफ्टिंग: बिजली के लटकते तारों, ट्रांसफार्मरों और खंभों को व्यवस्थित करने के लिए अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट बिछाई जाएगी ताकि सड़क की चौड़ाई में कोई अवरोध न रहे।

काकादेव, रावतपुर और कल्याणपुर के ट्रैफिक जाम से मिलेगी स्थायी मुक्ति

कानपुर के इस इलाके में नौ नंबर क्रॉसिंग और उसके आसपास काकादेव का प्रसिद्ध कोचिंग हब, शारदा नगर की घनी रिहायशी आबादी और रावतपुर का व्यापारिक केंद्र स्थित है। इसके चलते यहां सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में दोपहिया, ई-रिक्शा, सिटी बसें और निजी वाहन घंटों रेंगते नजर आते हैं। जब भारी व्यावसायिक वाहन भौंती या झांसी-दिल्ली हाईवे की ओर से शहर के भीतर प्रवेश करते हैं, तो पूरा मार्ग चोक हो जाता है। इस मार्ग के फोरलेन बनने के बाद हाईवे की तरफ जाने वाले वाहनों को शहर के संकरे आंतरिक रास्तों में नहीं फंसना पड़ेगा। वे सीधे भौंती बाईपास होकर जीटी रोड, दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे (NH-19) और कानपुर-झांसी रूट पर निर्बाध गति से निकल सकेंगे।

भौंती औद्योगिक क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा नया पंख

भौंती बाईपास कानपुर के सबसे तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और लघु उद्योग केंद्रों में से एक है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों मालवाहक ट्रक कच्चा माल लेकर आते हैं और तैयार उत्पाद लेकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और मध्य प्रदेश के बाजारों के लिए रवाना होते हैं। फोरलेन कनेक्टिविटी तैयार होने से ट्रांसपोर्टरों की आवाजाही की लागत में बड़ी कमी आएगी और ईंधन की बचत होगी। इसके अलावा, पनकी इंडस्ट्रियल एरिया और दादा नगर में स्थित उद्योगों के लिए भी यह वैकल्पिक बाईपास लाइफलाइन साबित होगा। स्थानीय व्यापारियों और उद्योग संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कानपुर की आर्थिक रफ्तार को नई धार देगा।

निर्माण समय-सीमा: टेंडर प्रक्रिया शुरू, 12 महीने में पूरा होगा काम

शासन से ₹81.51 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के बाद पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी और वित्तीय बिड का निस्तारण दीपावली के आसपास पूरा कर लिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद चयनित निर्माण एजेंसी को कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी कर दिया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट को 12 से 14 महीने की समय-सीमा के भीतर यानी 2027 के उत्तरार्ध तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर चरणबद्ध डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जा रहा है, ताकि चौड़ीकरण के समय आम जनता को रोजमर्रा की आवाजाही में कोई बड़ी परेशानी न उठानी पड़े